मामी के साथ सेक्स का फिल्मी मज़ा

हैल्लो दोस्तों, में आप सभी कामुकता चाहने वालों के लिए अपने जीवन की एक मज़ेदार सेक्स की घटना को सुनाना चाहता हूँ। दोस्तों में अभी कुछ समय पहले ही इन सेक्सी कहानियों से जुड़ा हूँ मुझे इनको पढ़कर बहुत शांति मिलती है और यह मेरी आज पहली कहानी है। दोस्तों यह बात उस समय की है जब में कॉलेज में पढ़ता था और मेरी उम्र 20 साल थी और मेरे शरीर में चढ़ती जवानी फड़ककर अपना असर दिखने लगी थी और इस वजह से में उस समय लड़कियों और औरतों की तरफ बहुत आकर्षित होता था। फिर मैंने कई बार टीवी पर सेक्सी फिल्म देखी और एक बार एक किताब में सेक्स करते हुए कुछ द्रश्य भी देखे थे, जिसकी वजह से मेरी आग ज्यादा भड़क गई। अब में भी मन ही मन में सोचने लगा था कि मुझे सेक्स का आनंद कैसे मिले और में सभी मौके की तलाश में उस चूत के जुगाड़ में रहने लगा था, जो चुदाई करवाकर मेरे लंड को शांत कर दे। एक बार हमारे परिवार में एक शादी थी इसलिए सभी लोग शहर से बाहर उस शादी में चले गये, लेकिन उस समय मेरे पेपर थे इसलिए में उस शादी में नहीं गया, क्योकि मुझे अपने पेपर की तैयारी भी करनी थी। फिर मेरी मम्मी ने मेरी मामी को मेरा ध्यान रखने के लिए कह दिया था और मेरी मामीजी ने भी मुझसे मेरे घर आकर कह दिया था कि में उनके यहाँ आकर खाना खा लूँ मुझे कहीं बाहर जाकर खाने की जरूरत नहीं है।

अब में तैयार हो गया और घर के सभी लोग चले जाने के बाद में अपने घर में अकेला ही था, इसलिए में पूरा दिन अपनी पढ़ाई में लगा रहता और दोपहर के समय और रात को में अपनी मामी के घर खाना खाने चला जाता। दोस्तों मेरी वो मामी भी बड़ी ही सेक्सी औरत थी और वो मुझसे बहुत शरारत किया करती थी और कई बार तो वो मुझसे दो मतलब की बातों का मज़ा लेती थी और में भी उनके साथ बहुत हँसी मज़ाक किया करता था। फिर उसी दौरान मेरे मामा को भी अचानक ही अपने काम की वजह से तीन चार दिनों के लिए बाहर जाना पड़ा। अब हम दोनों अपने अपने घर में अकेले ही रह गए और जब में अपनी मामी के घर गया तब वो मुझसे कहने लगी कि जब तक तुम्हारे मामा बाहर है तब तक तुम भी रात को यहीं सो जाया करो, वरना में घर में अकेली ही रहूंगी। अब तुम यहीं पर अपनी किताबे ले आना और यहीं पर पढ़ लेना, में उनकी इस बात से सहमत हो गया और अगले दिन दोपहर के समय ही में अपनी किताबे अपने साथ में लेकर उनके घर चला गया। फिर दोपहर का खाना खाने के बाद में वहीं पर पढ़ने बैठ गया। दिन में जब में पढ़ाई कर रहा था तब वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी थी, उस दिन उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और एक बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज भी पहना था।

दोस्तों देखकर लगता था कि वो उसके बूब्स के आकार से बहुत छोटा था और में थोड़ी थोड़ी देर में अपनी सेक्सी आंटी पर नज़र डाल रहा था और कभी कभी मेरी उनसे नज़र भी मिल रही थी, लेकिन वो बस मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी। दोस्तों कुछ देर बाद साड़ी का पल्लू नीचे आ गया, वाह क्या गजब का नज़ारा था। एकदम कसे हुए दो बहुत ही मोटे मोटे बूब्स मेरे सामने थे, उसने ब्लाउज भी बहुत ही गहरे गले पहना था, इसलिए मुझे बहुत साफ उसके बूब्स का बहुत सारा हिस्सा दिखाई दे रहा था और में चकित होकर घूरकर देखे जा रहा था। फिर उसी समय जब मेरी और उसकी नज़र आपस में मिली, तभी वो तुरंत समझ गयी कि में बड़े गौर से उसके बूब्स को ही निहार रहा था और तब वो मुस्कुराकर मेरी तरफ देखने लगी, लेकिन उसने अपनी साड़ी का पल्लू ऊपर नहीं किया। अब मुझे उसके वो कसे हुए मोटे बूब्स उस ब्लाउज से कसे हुए साफ दिख रहे थे। फिर उसी समय उन्होंने मुझसे पूछने लगी तुम सिर्फ़ पढ़ते ही हो या कुछ लिखते भी हो? मैंने झट से कहा कि जी में लिखाई तो अपने कलम से करता हूँ। अब वो पूछने लगी तुम अपनी कलम से लिखाई सिर्फ़ कागज पर ही करते हो या तुमने और भी कहीं की है? मैंने कहा कि मामी आप जब भी बोलो में वहीं कर सकता हूँ। दोस्तों वो मेरे कहने का मतलब ठीक तरह से समझकर मुस्कुराने लगी थी।

फिर रात को खाना खाने के बाद जब हम टीवी देख रहे थे और बातें कर रहे थे, उसी समय मामी ने मुझसे पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? अगर नहीं है तो जल्दी से बना लो, वैसे भी तुम कॉलेज में जाते हो तो क्या करते हो? अब में उनको बोला कि मामी मेरे कॉलेज में लडकियाँ नहीं है। वो बोली कि बाहर और किसी को बना लो और जिंदगी के मज़े लो। अब में हंसकर उनसे बोला कि मामी आप ही मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ ना प्लीज और फिर मैंने उनको कहा कि सिर्फ़ मेरी गर्लफ्रेंड बाकी मामा की। अब वो भी मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंसने लगी और बोली मुझे सम्भालना तुम्हारे बस का नहीं है। फिर में उनको बोला कि मामी आप मुझे इतना भी कमजोर मत समझो में तुमको भी और दूसरी औरतो को भी एक साथ सम्भाल सकता हूँ। अब मामी मेरे मुहं से बात सुनकर बोली कि वाह बड़ी मर्दानगी है रे तेरे में और वो हंसने लगी। फिर में भी उनको कहने लगा कि में किसी मौके पर वो सब दिखा दूँगा और हम दोनों इसी तरह से बातें करते रहे। दोस्तों में आज अपनी मामी से दो शब्दों वाली बातें करने लगा था। फिर मैंने उनको कहा वाह मामी आज तो आप बहुत ही सुंदर लग रही हो। अब वो बोली अच्छा जी, आज तुमने मुझे ही लाईन मारना शुरू कर दिया।

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