मम्मी को दीदी के ससुर ने चोदा

मेरा नाम कोमल है, मैं 19 साल की हूँ, बरेली की रहने वाली हूँ। यह मेरी पहली स्टोरी है.

मेरे घर में मेरी मम्मी का नाम रंजीता है वो 42 साल की है मेरी बड़ी बहन 22 साल की है मम्मी दिखने में सेक्सी है उनके बूब्स बहुत टाइट है उनका जिस्म भी कामुकता से भरा हुआ है।

मेरे पापा की सरकारी जॉब थी, उनकी मौत के बाद अब मम्मी जॉब करती है। इसलिए मम्मी ने दीदी की शादी जल्दी तय कर दी।

पापा के गुजर जाने के बाद मम्मी ने किसी आदमी से संबंध नहीं बनाये। जब दीदी की शादी तय हुई तो दीदी हर वक़्त मोबाइल में लगी रहती जीजा जी से बात किया करती, मैं दीदी के पास में ही सोती थी।

एक दिन रात को अचानक मेरी नींद खुल गयी। मैंने देखा दीदी फ़ोन पे बाते कर रही थी उनकी लेग्गी नीचे थी, वो एक हाथ से अपनी बुर को तेजी से सहला रही थी, बोल रही थी- जानू ऐसे ही चोदो मुझे!
दीदी ‘आआह हा हा…’ कर रही थी उनकी आँखें वासना में बंद थी। फिर शायद उनका पानी निकल गया, वो फ़ोन रख कर सोने लगी.
मैं भी सो गई।

इसी तरह दीदी रोज जीजा जी से बात करते हुए फोन सेक्स करने लगी। फिर मैं मम्मी के पास सोने लगी कुछ दिन मम्मी के साथ सोने के बाद एक रात मम्मी भी शायद गर्म हो गयी, वो भी अपनी चूत को आधी रात तक मसलती रही, शायद उनको भी चुदाई की जरूरत थी।

कुछ महीनों बाद दीदी की शादी हो गयी, वो अपने घर चली गयी मुझे बहुत अकेलापन लगने लगा।

एक दिन दीदी घर आई उनको देख कर लग रहा था कि जीजा जी ने बहुत चोदा है, वो मम्मी से बोली- दो तीन दिनों के लिए आप और कोमल मेरे घर चलो!
दीदी मम्मी से बोली- आपको ससुर जी ने भी बुलाया है।
मम्मी ने कहा- ठीक है.

कुछ दिन दीदी रुकी, फिर दीदी को छोड़ने के लिए मैं और मम्मी दीदी की ससुराल गये। वहां पर हम सब से मिले.
मुझे सबसे ज्यादा अजीब लगा कि दीदी के ससुर मम्मी हाथ पकड़ पकड़ कर मजाक कर रहे थे। दीदी के ससुर की उम्र 43 साल थी, वो हेल्थी आदमी थे, उनकी वाइफ नहीं है, घर में सारे मर्द थे बस मेरी दीदी ही थी उस घर में।

रात दीदी ने सबको खाना खिलाया, फिर सब लेटने की तैयारी करने लगे.
तभी मम्मी ने दीदी को आवाज लगाई. तभी दीदी के ससुर बोले- अरे उसे अब मत परेशान करो, मुझे बताओ क्या चाहिए?
मम्मी बोली- बस पूछना था लेटूं कहाँ?
ससुर जी मजाक में बोले- मेरे साथ लेट जाओ ना!
मम्मी मुस्कुरा दी।

मम्मी ने मुझे बोला कि दीदी के कमरे में जाकर कोई नाइटी ले आओ।
मैं दीदी के कमरे के दरवाजे तक ही पहुँची थी कि मैंने आवाज सुनी, जीजा जी बोल रहे थे- मान जाओ ना!
दीदी- ये नहीं हो सकता!
“एक बार कोमल को मुझसे चुदवा दो!”
जीजा जी की यह बात सुन कर मैं हैरान रह गयी।

दीदी बोली- मम्मी है बाहर… धीरे बोलो!
जीजा जी बोले- तेरी मम्मी को आज मेरा बाप चोद कर ही मानेगा, कब से वो तेरी माँ को चोदने के चक्कर में है।

मैंने एकदम से दरवाजे पर हाथ मारा, दीदी बोली- क्या हुआ?
मैंने कहा- मम्मी ने नाइटी मंगाई है।

दीदी ने एक ब्लैक नाइटी दी. मैंने मम्मी को दे दी.
मम्मी ने मुझसे कहा- तुम लेटो जाकर, मैं आती हूँ।
मैंने कहा- मैं सोफे पे सो जाऊँगी.
मैं वहीं लेट गयी।

मम्मी दीदी के ससुर जी से बोली- एक मिनट आयी।
कुछ देर बाद जब वो आयी मैंने हल्की नींद का नाटक करते हुए देखा कि उनकी आधी चुचियाँ नाइटी के बाहर थी।

मम्मी ससुर जी के बगल में बैठ गयी, बोली- आप क्या बोल रहे थे?
ससुर जी- मैं तो बोल रहा था कि बहू को क्यों तंग कर रही हो अगर कोई काम है तो मैं हूँ ना।
मम्मी- क्यों, तुम्हारी बहू इस वक़्त क्या कर रही होगी?
ससुर जी खुले शब्दों में बोले- चुदवा रही होगी।
मम्मी- आपको शर्म नहीं आती अपनी बहू के बारे में ऐसा बोलते हुए?

ससुर जी मम्मी की चुचियों को घूरते हुए बोले- शर्म कैसी? मिल जाये तो उसे मैं ही चोद दूँ।
मम्मी गुस्से में बोली- आप बहुत कमीने आदमी हो जो अपनी बहू को ही चोदने के चक्कर में हो।

ससुर जी मम्मी को पकड़ कर किस करने लगे उनकी चुचियों को मसलने लगे.
मम्मी- छोड़ मुझे कमीने!

दीदी के ससुर जी मम्मी होंठों को काटने लगे, मम्मी तड़फने लगी।
तब तक सब उठ गए दीदी भी आ गयी।
दीदी ने मम्मी को सम्भाला, मुझे बोली- तुम कमरे में जाओ, लेटो जाकर!
मैं कमरे में चली गयी।

तेज आवाज में बहस चलने लगी, मैं खिड़की से देख रही थी।
जीजा जी मम्मी से माफ़ी मांगने लगे.
फिर रात कट गई।

सुबह दीदी मम्मी के बिस्तर में चढ़ आयी, मैं भी लेटी थी, दीदी ने मम्मी से पूछा- मेरे ससुर ने क्या किया था?
मम्मी बोली- उसने मेरे बूब्स को दबा दिया, किस करने लगा!
दीदी हंसती हुई बोली- फिर तो आप गर्म हो गयी होंगी।
मम्मी बोली- ये क्या बोल रही है तू?
दीदी- मम्मी हमारे घर में ये दो मर्द हैं, हम दो औरतें… क्यों ना हम अपनी भी गर्मी मिटायें और उनकी भी!
दीदी मम्मी के बूब्स को सहलाने लगी।

मम्मी बोली- तुम पागल ही गयी हो!
दीदी वहां से जाने लगी तो मम्मी मुझसे बोली- हमें यहाँ नहीं रुकना, चलो!
दीदी ने कहा- बस एक दिन रुक और रुक जाओ बहुत जोर देने पर मम्मी रुक गयी।

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