नमिता को चोदने के बाद नौकरानी की गांड मारी

gaand chudai ki kahani

मेरा नाम रोहित है मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूं, मेरी जॉब मेरे पढ़ाई के बाद ही लग गई थी, मेरी उम्र 26 वर्ष है। मेरे पिताजी और मेरी मां भी नौकरी करते हैं, वह लोग भी अच्छी नौकरी पर हैं इसीलिए हम लोगों को कभी भी किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी नहीं हुई क्योंकि हमारे घर पर सब लोग काम करते हैं। मेरे बड़े भैया भी विदेश में रहते हैं, वह भी कभी कबार पैसे भेज दिया करते हैं लेकिन उनकी भी अभी तक शादी नहीं हुई है और उनके लिए भी मेरे पापा और मम्मी लड़की देख रहे हैं परंतु वह कह रहे हैं मैं अभी शादी नहीं करना चाहता। एक दिन भैया का फोन आया और वह कहने लगे कि मैंने यहीं पर एक लड़की देख ली है और उससे कुछ समय बाद मैं शादी करने वाला हूं लेकिन यह सब इतनी जल्दी में हुआ कि हम लोगों को भी वहां जाने का मौका नहीं मिल पाया और मेरे भैया ने वही विदेश में शादी कर ली।

उसके बाद जब वह घर आए तो सब लोग उनसे मिलकर बहुत खुश हुए। उनकी पत्नी भी बहुत अच्छी है और वह भी बचपन से ही विदेश में रही हैं, वह लोग ज्यादा दिन तक नहीं रुक पाए क्योंकि उन दोनों ने कम दिन की छुट्टी ली थी इसीलिए उन्हें जाना पड़ा। जब वह वापस चले गए तो मेरे पिताजी और मां बात करने लगे की रवि की तो शादी हो चुकी है अब रोहित के लिए भी हमें कोई लड़की देख लेनी चाहिए। उन्होंने जब मुझसे यह बात कही तो मैंने उन्हें कहा कि अभी मेरी इतनी उम्र नहीं हुई कि मैं शादी कर लूं। अभी मुझे थोड़ा समय और दीजिए उसके बाद ही मैं कुछ सोच पाऊंगा। हमारे घर पर लता आंटी काम करती है, वह काफी समय से हमारे घर पर काम कर रही थी। उन्होंने ही मुझे बचपन से पाला है, उनके घर की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी जिसके लिए उन्हें हमारे घर पर काम करना पड़ा लेकिन हमने कभी भी उन्हें अपने परिवार से अलग नहीं माना और वह हमारे परिवार का ही हिस्सा है। हम लोग उनके घर भी आते जाते रहते हैं और उनके बच्चे भी हमारे घर पर अक्सर आते हैं।

अब उनके बच्चे भी बड़े हो चुके हैं इसलिए वह नौकरी करने लगे हैं और उस दिन लता आंटी कहने लगे कि मैं सोच रही हूं अब मैं घर पर ही रहूं क्योंकि मेरी तबीयत भी अब ठीक नहीं रहती। मेरी मां ने कहा ठीक है यदि तुम्हें ऐसा लगता है तो तुम घर पर ही आराम करो। लता आंटी कहने लगी कि मैं किसी और को आपके घर पर काम के लिए भेज दूंगी। जब तक कोई नहीं आता तब तक मैं आपके घर पर ही काम कर लूंगी। मैं भी अपने ऑफिस में ही बिजी रहता था और जिस दिन मेरी छुट्टी होती है उस दी मैं घर पर रुकता था। मेरे ऑफिस में एक नई लड़की ने ज्वाइन किया, उसका नाम नमिता है। जिस दिन उसने जॉइन किया उस दिन से ही वह मुझे बहुत अच्छी लगी लेकिन शुरुआत में मेरी उससे ज्यादा बात नहीं हो पाई और मैं सोचने लगा कि मैं उसे किस प्रकार से बात करूं क्योंकि इसका डिपार्टमेंट मुझसे अलग था इसलिए हम दोनों में ज्यादा बात नहीं हो पाती थी। एक दिन हम लोग ऑफिस में ही बैठे हुए थे, उस दिन मैंने नमिता से बात कर ली और उस दिन के बाद हम दोनों में बातें होने लगी और मुझे नमिता का व्यहार भी बहुत अच्छा लगता है इसीलिए मैंने उसे अपने घर पर अपने माता पिता से मिलवाया। मेरे माता-पिता को भी नमिता बहुत अच्छी लगी और मैंने उन्हें कह दिया कि यदि नमिता मुझसे रिश्ते के लिए मान जाती है तो मैं नमिता से शादी कर लूंगा लेकिन मैंने नमिता से कभी भी अपने दिल की बात नहीं कही। हम दोनों साथ में बहुत वक्त गुजारने लगे थे परंतु मैंने फिर भी नमिता से कुछ ऐसी बात नहीं कही जिससे हम दोनों का रिलेशन आगे बढ़ पाता। एक दिन नमिता के घर पर पार्टी थी, उस दिन उसने मुझे अपने घर पर इनवाइट किया और हमारे ऑफिस के भी हमारे कलीग नमिता के घर पर गए। मैंने नमिता को एक गिफ्ट दिया और उसके अंदर ही मैंने उसे अपने दिल की बात लिख कर रख दी। जब नामित ने वह देखा तो उसे बहुत अच्छा लगा लेकिन उसने उस दिन वह गिफ्ट नहीं खोला और अगले दिन सुबह उसका मुझे फोन आया और कहने लगी कि क्या तुम वाकई में मुझसे प्रेम करते हो, मैंने उसे कहा कि हां मैं तुमसे प्रेम करता हूं और यदि तुम इस रिश्ते के लिए हामी भर दो तो मैं तुम्हारे घर पर बात कर लूंगा।

नमिता मुझे कहने लगी कि मुझे पहले अपने घर वालों से इस बारे में बात करनी पड़ेगी यदि वह तैयार हो जाते हैं तो उसके बाद ही मैं तुम्हें इसका जवाब दे पाऊंगी। उसने मुझे बताया कि मेरी एक बड़ी बहन भी है उसकी सगाई हो चुकी है और कुछ समय बाद ही उसकी शादी है। जब उसकी शादी हो जाएगी तो मैं अपने घर पर बात कर लूंगी। नमिता की बहन की शादी में उसने हमें भी इनवाइट किया था और हम लोग भी उसकी शादी में गए। हमारे ऑफिस के सब दोस्तों ने बहुत एंजॉय किया और नमीता की बहन की शादी बड़े धूमधाम से हुई। उसके कुछ दिनों बाद उसने अपने घर पर हम दोनों के रिश्ते को लेकर बात की। उसके पिता रिश्ते के लिए मना नहीं कर पाए क्योंकि हम लोग घर से संपन्न हैं। जब हम लोग नमिता के घर गए तो मेरे माता-पिता ने उसके पिताजी से नमिता के रिश्ते की बात की और वह भी मना नहीं कर पाए। उसके कुछ दिनों बाद हम दोनों की सगाई हो गई। जब हम दोनों की सगाई हो गई तो अब हम दोनों साथ में काफी वक्त बिताने लगे थे और मुझे बहुत अच्छा लगता था जब मैं नामिता के साथ समय बिताया करता था। हम दोनों ऑफिस में भी साथ होते थे और जब भी मुझे वक्त मिलता तो मैं नामिता के साथ ही मूवी देखने के लिए चला जाता या फिर हम लोग कहीं घूमने के लिए चले जाते हैं।

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