मेरी ननद ने मेरी चूत में उंगली करके ससुर का लंड दिखा दिया

nanad ke karan sasur ne ki chudai अजीब दुनिया हे हमारे देश में रिश्तो की. कहीं भाई बहन होते हे और फिर कजिन भाई से शादी हो जाए तो वो भाई बहन नहीं पर कुछ और ही हो जाते हे. कभी कभी रिश्तो के अन्दर भी दुसरे रिश्तो की परत होती हे जैसे की प्याज के छिलके होते हे. ऊपर से सूखे से और अंदर से गिले पानीदार. ऐसा एक रिश्ता मेरा भी बना अपने ससुर जी के साथ. ऊपर से देखों तो घुंघट में ससुर के सामने शर्मा जाना. और अन्दर वही लंड और चूत की लड़ाई! आज मैं अपनी आपबीती, या चूतबीती, आप को सुनाने के लिए आई हूँ.

मेरा नाम काजल हे और बहुत कम उम्र में यानी की 18 के होते ही मेरी शादी हो गई. माँ ने बिदाई से पहले बहुत सब कहा था. और एक हिदायत ये दी थी की पराये घर में ससुर जी, पति और नन्द हे तेरी, सब से प्यार करना, कोई उंच नीच हो जाए तो पहले तू माफ़ी मांग लेना. माँ ने कहा की वो घर में तुझे जो कहा जाएँ तो सब मान लेना और ख़ुशी ख़ुशी सब के साथ रखना. तब मेरा पति मेरे से 3 साल बड़ा यानी की 21 साल का था. उसकी जॉब्स बीएसऍफ़ में हे. शादी के बाद के हफ्ते में ही उसकी छुट्टी खत्म हुई और उसे अपनी पोस्टिंग वाली जगह पर राजस्थान जाना पड़ा. और वो मुझे अपने बाबु जी और बहन के पास छोड़ गया.

मेरे पति के जाने के बाद मेरे बाबु जी ने मुझे लेने के लिए मेरे छोटे भाई को भेजा था. पर ससुर जी बोले की ये यही रहेगी, हमारे साथ ही रहने दो इसे. ये चली गई तो मेरी देखभाल कैसे होगी, कौन करेगा भला. और फिर शेलजा (मेरी ननंद) भी तो जानेवाली हे. ये दोनों साथ में रहेंगी तो शेलजा काजल बहु को सब काम बता देंगी 4 5 दिनों के भीतर. भाई चला गया और मैं वही पर रह गई. भाई के जाने के बाद मेरी ननंद शेलजा मुझे अपने कमरे में ले गई और बातें करने लगे हम दोनों. थोड़ी देर इधर उधर की बातें कर के वो फिर मस्ती में आ गई. वो मेरे बूब्स और गांड के साथ छेड़खानी करने लगी. मैंने पहले तो सिर्फ सिसकियाँ ली लेकिन फिर मैंने भी उसकी चूत को मुठ्ठी में दबा दिया. वो सिहर उठी और बोली, भाभी आज तो तेरे बुर में बेलन डाल दूंगी मैं.

और मैं बोली, और मैं तेरी गांड के झाड़ू!

शेलजा बोली,चल फिर उतार कपडे हो जाए दो दो हाथ.

और मेरे कुछ करने से पहले मेरी ननंद ने ही मेरी ब्लाउज के बटन खोले. मेरी कच्ची चुंचियां देख के बोली, भाई ने चुसे नहीं हे सही ढंग से लगता हे.

मैंने कहा, हफ्ते भर में कैसे चूस लेते.

शेलजा बोली, दिन भर में भी लाल करे जा सकते हे.

अच्छा, तू अपने बता फिर! ऐसा कह के मैंने अपनी ननंद के ब्लाउज को खिंचा. सच में उसके निपल्स किसी बड़ी उम्र की औरत के जैसे थे, काले और फुले हुए. ऐसे मम्मे और निपल्स तो सिर्फ प्रेग्नंसी के बाद ही होते हे लेकिन शेलजा तो अभी कुंवारी थी. मेरे मन में डाउट हुआ की कही उसका कही पर चक्कर वक्कर तो नहीं हे. मैं ये सोच ही रही थी की शेलजा ने मेरी चूत में ऊँगली मारी और हिलाने लगी. उसने पहले ही निशाने में चूत के दाने को दबोच लिया और उसे दबाने लगी. मैं सिसकियाँ उठी और उसने मेरी पेटीकोट को नाड़े खोल के निचे कर दिया. गाँव में औरतें पेंटी सेंटी नहीं पहनती हे, इसलिए पेटीकोट हटने पर मेरी चूत देख ली शेलजा ने. वो बोली, वाह से मेरी सेक्सी भाभी थारी चूत को तो एक भी बाल नहीं हे.

मैंने कहा, हां मैंने शादी के अगले ही दिन वेक्स की थी.

शेलजा बोली, मैं चाटू इसे!

मैंने कुछ जवाब नहीं दिया और उसके माथे को पकड के अपनी चूत की तरफ खिंच लिया. शेलजा ने मेरी चूत के ऊपर अपने को लगा दिया और वो अन्दर दाने के ऊपर जबान को फेरने लगी. मैंने मस्ती में आ गई थी और मैंने मेरी इस लेस्बो ननंद को बाल पकड के अपनी चूत चाटने को कहा, चाटो शेलजा जोर जोर से इसे. अझ्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह ईईईई.

शेलजा ने अब मेरी गांड में एक ऊँगली डाली और वो ऊँगली से गांड मारने लगी मेरी. मैं मस्तिया उठी. शेलजा डाली फिर भी बोली आप मेरी चाटो ना. हम दोनों ने 69 पोजीशन बना ली. वो मेरी चूत और गांड से खेल रही थी और मैं उसकी. उसकी गांड में दो ऊँगली डाली फिर भी इसे उतना दर्द नहीं हुआ.

मैंने कहा, शेलजा बता किसी मर्द का लिया हे ना तूने पीछे?

शेलजा बोली, हां भाभी और आप को लेना हे?

मैंने कहा, मैंने पीछे कभी नहीं लिया हे.

शेलजा बोली, मैं दिलवाउंगी आप को आगे पीछे ऊपर निचे!

मैंने कहा, धत पगली.

वो बोली, सच कह रही हूँ भाभी, आप को आज ही एक नया लंड मिलने को हे.

मैं बोली, कैसे?

वो बोली, उस लंड के लिए ही तो आप को रेडी कर रही थी.

और फिर उसने जो लाइन कही उस से मैं एकदम डर गई.

शेलजा बोली: बाबु जी आ जाओ भाभी रेडी हे!

बाप रे मेरा बूढा ससुर अपनी धोती को उठाये अन्दर आ गया. शेलजा ने कहा, आ गया मर्द आप के लिए!

ससुर जी मेरे पास बैठे और मेरे बूब्स को देख के बोले, शेलजा बेटा इसके तो बहुत छोटे हे अभी.

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