ऑफिस की सीनियर को उसकी शादी से ठीक पहले चोदा

मेरा नाम विजय है मैं गांव का रहने वाला एक 26 वर्ष का युवा हूं, मैंने अपनी पढ़ाई गांव से ही की है और हमारे गांव में ज्यादातर लोग पढ़े लिखे नहीं हैं। मैंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर जाने का फैसला कर लिया लेकिन मेरे घरवाले मुझे शहर नहीं भेजना चाहते थे इसी वजह से मैंने शहर जाने की जिद छोड़ दी और गांव में ही उनके साथ काम करने लगा। क्योंकि घर में मैं एकलौता हूं और मैं घर का सारा काम संभालता हूं। मेरे माता-पिता मुझे बिल्कुल भी शहर भेजने को तैयार नहीं थे। उन्होंने मुझे एक अच्छे कॉलेज में पढ़ाया है। मैंने अपने पिताजी से कहा कि पिताजी यदि मैं कहीं बाहर नहीं जाऊंगा तो मेरे पढ़ने का कोई भी फायदा नहीं है, मैं यदि कहीं बाहर जाऊं तो उसके बाद मैं वहां पर एक अच्छी नौकरी कर पाऊंगा और कुछ पैसे आपको भी भेज दिया करूंगा। मेरे पिताजी कहने लगे ठीक है यदि तुमने अपना मन बना ही लिया है तो तुम चले जाओ।

मैंने उन्हें कहा कि मैं बीच-बीच में घर आता रहूंगा। कुछ दिनों बाद मैं नौकरी करने के लिए बेंगलुरु चला गया। जब मैं बेंगलुरु गया तो मैंने पहले तो अपने रहने की व्यवस्था की और उसके बाद मैंने नौकरी ढूंढना शुरू किया। मुझे काफी समय तक नहीं अच्छी नौकरी नहीं मिली लेकिन जब मेरी एक कंपनी में नौकरी लग गई तो मैंने वहां पर ज्वाइन कर लिया। मैंने जिस कंपनी में ज्वाइन किया, उस कंपनी में मुझे अच्छी तनख्वाह मिल रही थी। मुझे वहां काम करते हुए दो महीने हो चुके थे इसीलिए अब ऑफिस के सारे स्टाफ से मैं परिचित हो चुका था। हमारे ही ऑफिस में एक मैडम है जिनका नाम कावेरी है। वह मुझसे सीनियर हैं लेकिन वह मुझे बहुत अच्छी लगती थी। मेरी उनसे कम बात होती थी क्योंकि वह मुझसे सीनियर हैं इसीलिए मेरी सिर्फ उनसे काम को लेकर ही बात होती थी। कावेरी मैडम का नेचर बहुत ही अच्छा है, उनकी शादी होने वाली थी। एक बार मैं कुछ काम के सिलसिले में कावेरी मैडम के साथ बैठा हुआ था और उनसे काम को लेकर बात कर रहा था।

वह मुझे जिस प्रकार से समझा रही थी मैं उन्हें देखे जा रहा था और कुछ देर बाद वह मुझसे पूछने लगी कि तुम मुझे ऐसे क्या देख रहे हो, मैंने उन्हें कहा कि आप बहुत ही सुंदर हैं इसलिए मेरी नजर बार-बार आप पर पड़ रही है। कावेरी मैडम कहने लगी कि मेरी सगाई हो चुकी है और अब कुछ समय बाद ही मेरी शादी है इसलिए तुम मुझे देखना बंद कर दो। जब उन्होंने मुझे यह बात कही तो उसके बाद वह भी जोर जोर से हंसने लगी और मुझे भी उनकी इस बात पर हंसी आ गई। मैंने उनसे कहा कि आप शायद मेरी बातों का गलत मतलब ले गई इसीलिए आपको मेरी बातों पर हंसी आई होगी। वह कहने लगी मैं तो तुम्हारे साथ मजाक कर रही हूं। उन्होंने पहली बार मेरे साथ इस प्रकार से बात की तो मुझे बहुत अच्छा लगा और उसके बाद से हम दोनों की बातें अच्छे से होने लगी थी और मुझे कावरी मैडम से बात करना भी बहुत अच्छा लगने लगा। मुझे ऑफिस में जब भी कोई समस्या होती तो मैं कावेरी मैडम से ही पूछ लिया करता था। उनकी शादी कुछ समय बाद ही होने वाली थी और उन्होंने ऑफिस के सब लोगों को अपने घर पर इनवाइट किया हुआ था। मुझे भी कावेरी मैडम ने अपने घर पर इनवाइट किया और कहा कि तुम्हें भी शादी में आना है, मैंने उनसे पूछा कि आपकी शादी कब है तो वह कहने लगी मेरी शादी अगले महीने हैं। कावेरी मैडम की शादी भी दिल्ली में ही होने वाली थी और मैंने उनसे पूछा कि आपके पति कहां जॉब करते हैं, वह कहने लगे कि मेरे पति भी दिल्ली में ही नौकरी करते है, वह एक कंपनी में मैनेजर है। मैडम से मेरी काफी बातें होती थी और वह मुझे बहुत अच्छा भी मानती थी। उन्हें भी मेरे बारे में पता था कि मैं भी एक अच्छा लड़का हूं इसीलिए वह मुझसे हमेशा ही बात किया करती थी। कावेरी मैडम ऑफिस में हमेशा ही आती थी और वह जब भी ऑफिस में आती तो मैं हमेशा उनसे बात करता था। उन्होंने कुछ दिन ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और वह अपनी शादी की शॉपिंग करने लगी इस वजह से वह काफी दिनों तक ऑफिस भी नहीं आई थी।

हम लोग भी अपने ऑफिस का काम कर रहे थे। एक दिन कावेरी मैडम ने मुझे फोन किया और कहा कि यदि तुम्हारे पास समय हो तो क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो, मैंने उन्हें कहा कि मैं ऑफिस के बाद आपसे मिलता हूं, उसके बाद में उनसे मिलने के लिए चला गया। जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने कहा कि हमारे घर पर शादी की तैयारियां चल रही है यदि तुम हमारे घर पर कुछ मदद कर दो तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं आपकी शादी में आपकी हेल्प कर दूंगा। मैं अपने ऑफिस से ही उनके घर चला जाता था और उनके घर वालों को भी मैं अब मैं पहचानने लगा था। उन्हें जो भी जरूरत पड़ती मैं उनकी मदद कर देता था। उस बीच मेरी कावेरी मैडम से भी बहुत बात होने लगी थी क्योंकि मैं ज्यादा समय उनके साथ ही बिताता था और उन्हें जब भी कोई जरूरत पड़ती तो वह मुझे ही कहती। उनकी शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी और उनके रिश्तेदार भी घर पर आने लगे थे। मैंने भी अपने ऑफिस से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले ली और उनके घर पर ही मैं रुका हुआ था क्योंकि उनके घर पर सब लोगों से मेरी बहुत अच्छी बातचीत हो गई थी इसीलिए वह लोग मुझे कहने लगे कि तुम हमारे घर पर ही रुक जाओ। धीरे-धीरे उनके रिश्तेदार आने लगे थे और उनको लेने के लिए भी मैं ही जाता था। मैंने कावरी मैडम की शादी में बहुत काम किया।

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