ऑफिस की लड़की की चूत की मस्त चुदाई

वो मेरी बात पर शरमा गयी. मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उसको अपनी ओर खींचा और उसके होंठों को किस करना शुरू कर दिया.

एक बार तो उसने मुझे रोकने की कोशिश की लेकिन मैंने उसकी गर्दन को नहीं छोड़ा. एक मिनट के बाद फिर वो खुद ही अपने आपको ढीला छोड़ते हुए मेरा साथ देने लगी.

हम दोनों एक दूसरे के होंठों को पीने लगे. आसिफा के होंठ वाकई में बहुत रसीले थे. चूंकि हम दोनों ने कुछ देर पहले ही कोल्ड ड्रिंक पिया था तो उसके होंठों की मिठास और ज्यादा बढ़ गयी और साथ ही ज्यादा मादक भी लग रही थी.

धीरे धीरे मेरे हाथ उसकी चूचियों पर पहुंच गये. उसकी नर्म मुलायम चूचियों को दबाते हुए मुझे बहुत मजा आने लगा. वो भी मेरी गर्दन को पकड़े हुए मेरे होंठों को पी रही थी.

कुछ देर तक एक दूसरे के होंठों का रस पीने के बाद मैंने उसकी टॉप को उतार दिया. उसने नीचे से सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी. मैं उसके बूब्स को कस कर ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा. वो एकदम से कराह गयी.

Office Ki Ladki Ki Chudai
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अब मुझे पूरा विश्वास हो गया था कि आज मैं लड़की की चुदाई कर लूंगा.

फिर मैंने उसकी जीन्स को भी खोल दिया. उसकी जीन्स को उतार कर मैंने अलग कर दिया. नीचे से उसने जालीदार पैंटी पहनी हुई थी जिसके अंदर उसकी क्यूट सी शेप वाली चूत छुपी हुई थी. मैं उसकी चूत चाटने के लिए ललायित हो गया था. उसकी गोरी जांघों के बीच में उसकी जालीदार पैंटी के नीचे छुपी चूत को बेपर्दा करने के लिए मुझसे रुका नहीं जा रहा था.

इतने में ही आसिफा ने मेरे शर्ट को खोलना शुरू कर दिया. वो मेरे कपड़े उतारने लगी. उसने मुझे ऊपर से नंगा कर दिया. वो मेरी मजबूत सी चेस्ट पर हाथ फिराने लगी. मैंने उसकी जालीदार पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया.

एक हाथ से मैं उसकी चूत को सहला रहा था और ऊपर से उसके होंठों को पीने में लगा हुआ था. मेरा लंड एकदम से फटने को हो गया था. आसिफा ने मेरी जीन्स को खोल दिया और मेरी पैंट में हाथ डाल दिया.

अब मेरा हाथ उसकी चूत को सहला रहा था और उसका हाथ मेरे लंड पर आ गया था. मैं तो जैसे आनंद के सातवें आसमान पर पहुंच गया था. उसके नर्म से हाथ के द्वारा मेरे लंड को सहलाने से मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गया था.

कुछ देर तक वो मेरे लंड को पर हाथ फिराती रही और मैं उसकी पैन्टी के ऊपर से ही उसकी चूत को मसलता रहा. उसकी पैन्टी एकदम से गर्म और गीली हो गयी थी. इधर मेरे लंड का हाल भी बुरा हो चला था.

फिर जब मुझसे रहा न गया तो मैंने उसकी पैन्टी को उतार दिया और उसकी चूत को एकदम से नंगी कर दिया. उसकी चूत मेरी आंखों के सामने नंगी थी और मैं उस पर भूखे कुत्ते की तरह टूट पड़ा.

मैंने उसकी जांघों के बीच में मुंह दे दिया और उसकी चूत को जोर जोर से चाटने लगा. वो एकदम से पागल सी हो गयी. मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी. मैं भी उसकी चूत की खुशबू में जैसे खो सा गया था.

तेजी से उसकी चूत में जीभ चलाते हुए मैंने उसको बहुत गर्म कर दिया. मैं सोच रहा था कि वो भी शायद मेरे लंड के साथ ऐसा ही करेगी लेकिन उसने लंड नहीं चूसा. मेरा मन था उसके मुंह में लंड देने का लेकिन हमारा ये पहली बार था इसलिए मैं बने बनाये माहौल को बिगाड़ना नहीं चाह रहा था.

उसकी चूत को पांच-सात मिनट तक चाटने के बाद जब उससे रहा न गया तो वो बोली- बस करो मैडी … आह्ह … मेरी जान निकलने वाली है, जल्दी से कुछ करो, मैं और बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूं.

मैं भी उसकी चूत को चोदने के लिए तड़प रहा था. फिर मैंने उसकी चूत को चोदने के लिए उसकी जांघों को फैला दिया और अपने लंड को उसकी चूत के मुंह पर रगड़ने लगा.

मेरा लंड भी एकदम कामरस से भीग कर चिकना हो गया था. उसकी चूत तो पहले से ही पानी पानी हो रही थी. चूत पर रखते ही लंड अपने आप ही फिसल जा रहा था. मैंने उसकी चूत पर दो मिनट तक लंड को रगड़ा तो वो मुझे अपने ऊपर खींचने लगी.

मैं समझ गया कि उससे अब लंड लिये बिना नहीं रहा जायेगा. मैंने उसकी जांघों को कस कर थाम लिया और उसकी चूत के छेद पर लंड के सुपारे को सेट कर दिया.

हल्का सा धक्का लगाते ही मेरे लंड का सुपारा उसकी चिकनी चूत में घुस गया. मैंने उसके होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और दबाव बनाते हुए नीचे से धीरे से लंड को उसकी चूत में उतारना शुरू कर दिया.

धीरे धीरे करके मैंने अपने पूरे लंड को उसकी चूत में उतार दिया. उसकी चूत में मेरा पूरा लंड चला गया. मगर चूत काफी टाइट थी इसलिए लंड में ऐसा महसूस हो रहा था जैसे किसी ने मेरे लंड को भींच लिया हो.
आसिफा के मुख से सिसकारी निकली ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

फिर मैंने आहिस्ता से उसकी चूत में लंड को चलाना शुरू किया. उसकी गर्म गर्म चूत में लंड को पेलते हुए मुझे जो आनंद उस समय मिल रहा था, उसको मैं शब्दों में नहीं बता सकता हूं.