पहले प्यार का पहला मजा

थोड़ी देर बाद वो रिलैक्स होने लगी. उसके दोनों होठों को अपने होठों की गिरफ्त में लेते हुए मैंने एक और धक्का मारा. इस बार लंड में भी दर्द हुआ लेकिन वो छटपटाने लगी और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी. मैं उसको जकड़े रहा और उसके होठों को चूमना भी जारी रखा हुआ था. साथ ही साथ उसके स्तनों को भी सहलाए जा रहा था. कुछ देर बाद वो आराम महसूस करने लगी. तब मैंने हलके हलके धक्के लगाने शुरू किये. अब वो भी मेरा साथ देने लगी और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं.

वो नीचे से गांड उछाल- उछाल कर मेरा साथ दिए जा रही थी. हम दोनों का शरीर पसीने से तर-बतर हो रहा था. अचानक उसने मुझे कास के दबोच लिया जैसे अब मुझमे समाने वाली हो. कुछ ही देर में वो झाड़ गई. मुझे अपने लंड पे कुछ गर्म गर्म गिरता हुआ महसूस हुआ. उसकी चूत की गर्मी से मैं भी जल्दी ही झड़ गया. फिर उसके बगल में निढाल होकर गिर पड़ा.

हमें बहुत समय हो चुका था इसलिए अब हम उठने लगे. उसने फर्श और अपनी चूत पे खून देखा तो वो रोने लगी. मेरे लंड पे जलन हो रही थी, शायद मेरा लंड भी छिल गया था. फिर हमने खुद को साफ़ किया और कपड़े पहने. उससे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था. वो बोली- आज तो तुमने मेरी जान ही निकाल दी.

मैंने कहा – प्रिया रानी! यही तो प्यार का असली मजा है.

उस दिन के बाद भी मैंने उसे कई बार चोदा. आपको मेरी ये सच्ची कहानी कैसी लगी उसपे अपनी राय जरूर दें.