पति से चुदाई तो देवर गान्ड चोदा : भाग-३

हैलो दोस्तों, पिछले भाग में आपने पढ़ा कि दीपा बिस्तर पर नग्न अवस्था में अपने देवर संग मजे ले रही है, विवेक मेरी चूची चूसने में मस्त था तो साले का लंड फुंफकारता हुआ मेरी पेंटी पर खासकर चूत के छेद पर ठोकर मार रहा था, वैसे भी पति से चुदाने के बाद देवर संग मजे ले रही थी तो अभी काफी वक्त मेरे पास थे। पल भर बाद मेरी चूची छोड़कर विवेक अब मेरी छाती चूमने लगा तो पूरे अंग में फिर से आग लग चुकी थी, विवेक कुछ महीनों पहले मुझे बेड पर साथ ही कार में भी चोदा था तो वो ५’११ इंच लम्बा स्मार्ट लड़का मुझे बहुत अच्छा लगता था और फिलहाल दिल्ली एक एग्जाम देने आया था तो मेरे खूबसूरत जिस्म पर ओंठ रख चूमते हुए मेरे कमर पर हाथ सहलाने लगा फिर मेरी पेंटी की हुक खोल मेरे चूत को नंगा कर दिया लेकिन मैं अपनी जांघें सटाए चूत को छुपा रही थी और विवेक मेरी कमर चूमता हुआ जांघों को सहलाने में मस्त था तो मैं सिसकने लगी ” ओह विवेक कितनी गुदगुदी मेरे बुर में हो रही है, उह बहुत मजा आ रहा है ” तो मेरी जांघों पर पकड़ ढीली पड़ गई और फिर विवेक मेरी चिकनी जांघों को चूमने लगा तब तो मैं टांगे चिहार चूत चमकाने लगी ” अब नहीं प्लीज़ चोद ना ( विवेक मेरी दूसरी जांघ चूमने लगा ) आराम से बेबी अभी पूरी रात बाकी है ” फिर वो मेरे दोनों जांघ को चूम उठा और वाशरूम चला गया, मैं अपने तन पर एक चादर डाल लेटी रही और कुछ पल बाद विवेक अपने कमर से तौलिया लपेटे वाशरूम से बाहर आया फिर मेरे पैर के पास बैठकर मेरे चादर में एक हाथ घुसाया और चूत को सहलाने लगा, साले को चूत का नक्शा पता था सो चूत के दरार में उंगली रगड़ता हुआ एक उंगली मेरी चूत में घुसाए रगड़ने लगा और मेरे तन पर से चादर हटाकर मुझे नंगा कर दिया ” बेबी सिक्सटी नाईन आसन में मजे लोगी ” तो मुझे क्या दिक्कत, अब विवेक बेड पर लेट गया तो दीपा उसके बदन पर लेटी लेकिन मेरा चेहरा उसके लंड की ओर था तो मेरी गोल गुंबदाकार चूतड उसके चेहरे के उपर, दोनों जांघें फैलाए उसके चेहरे को बीच में किए मैं लंड पकड़ी फिर उसका चमड़ा छीलकर चूमने लगी, पति के लंड से थोड़ा छोटा और कम मोटा लेकिन स्वाद बदलने पर ही भूख बनी रहती है तो उसके लंड को चूमते हुए जांघें सहला रही थी कि मुझे अपने चूतड पर उसके ओंठ का एहसास हो रहा था, चुम्बन दे देकर मेरी चूतड को सहला रहा था तो मैं विवेक के लंड का सुपाड़ा मुंह में लेकर चूसते हुए झांट नोचने लगी और अब विवेक का ओंठ असली जगह पर था, मेरी चूत पर चुम्बन देता हुआ गान्ड पर हाथ फेरने लगा तो मैं विवेक के लंड को पूरी तरह से मुंह में लिए चूसने लगी फिर अपने मुंह का झटका देते हुए उसके लंड चूसने लगी तो मेरे चूतड के नीचे विवेक का चेहरा हरकत में था, मेरे चूत को फ्लकाए जीभ से उसे कुरेद रहा था तो में मुखमैथुन करते हुए मस्त थी साथ ही विवेक मेरी गान्ड पर कभी थप्पड़ मारता तो कभी चिकोटी काटता, मेरी चूत से सिर्फ एक बार रज धार निकली थी वो भी पति के साथ काम करते हुए तो अब चूत की गर्मी और खुजली चरम पर थी। विवेक का लंड पूरी तरह से अकड़ चुका था तो मैं उसे मुंह से निकाल जीभ से चाटते हुए जांघें सहलाने लगी और देवर मेरी चूत को चाटने में मस्त था फिर अचानक से मेरी चूत पानी छोड़ दी, मैं पीछे मुड़कर देखी तो विवेक बुर को फिर से चाटना शुरु कर दिया और मेरे चूत की रस का स्वाद लेने लगा और मैं लंड को चाट चाट कर चुदाई को तैयार कर रही थी, लंड का सुपाड़ा अपने चेहरे पर रगड़ते हुए उसकी बोली सुन रही थी ” ओह माई सेक्सी बेबी, आज तेरी गान्ड ही चोदूंगा ( मैं उसके ऊपर से उठ वाशरूम जाने लगी ) जरूर विवेक मुझे भी गान्ड में ही मजा चाहिए ” फिर वाशरूम जाकर फ्रेश हुई और नंगे बदन वापस बेड पर आईं, रात के तकरीबन १२:४० बजे थे और मैं झट से अपनी नाईटी पहन अपने बेड रूम की ओर गई ताकि अपने पति को देख सकूं कि गहरी निंद्रा में हैं या नहीं, लेकिन वो आराम से सो रहे थे तो मैं वापस देवर जी के पास आई और बेड के पास खड़ी होकर नाईटी उतार फैंकी तो देवर जी उठे फिर मुझे बाहों में लेकर चूमने लगे और उनका नग्न बदन मुझे प्यारा लग रहा था। विवेक की बाहों में सिमटे में उसके चेहरा को चूमने लगी तो वो मेरे ओंठ पर चुम्बन देने लगा फिर रसीली ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा तो पल भर बाद ही उसका हाथ मेरी चूतड पर थप्पड़ मार रहा था और फिर अपने ओंठ मुंह से निकाल लंबी जीभ उसके मुंह में डालकर चुसवा रही थी तो उसका मोटा लंबा लंड मेरी कमर से रगड़ खा रहा था, अपनी मुलायम बूब्स उसकी छाती पर रगड़ते हुए मस्त थी तो देवर जी मेरी जीभ चूसने में लीन थे फिर उनका एक उंगली मेरी गान्ड की छेद में घुसा और वो मेरी गान्ड को कुरेदने लगे, मेरे पति गान्ड चोदने के शौकीन थे सो शादी के सात महीने बाद ही गान्ड का रास्ता थोड़ा खुल सा गया था और मुझे भी मूसल लंड से गान्ड चुदाई का मज़ा मिलता था तो पल भर बाद विवेक मेरी जीभ को मुंह से निकाल मुझे छोड़ा…. To be continued