पति से गांड चुदवाकर मदमस्त हो गयी

मुझे चुत में लंड के झटके तो मस्त लग रहे थे. मेरी चुत की खुजली भी मिट रही थी, लेकिन मेरे इस पोजीशन में ताबड़तोड़ लंड के झटकों से मेरे पैर में दर्द होने लगा था. मैंने अपने पति से कहा- यार, पैर में दर्द हो रहा है … जरा अपनी शंटिंग रोको.
इस बात को सुनकर मेरे प्यारे पति ने अपना लंड मेरी चुत से निकाल दिया.

मैंने राहत की सांस ली और अब मैं बेड के किनारे अपनी गोरी गांड रख कर सीधे लेट गई. मैं दोनों पैर उठाकर घुटनों के जोड़ से फैलाए. पैरों को सहारा देने के लिए पीछे से हाथ डालकर मैंने अपने पैर फैलाकर रख लिए.

अब मेरे पति अपना लम्बा और मोटा लंड हाथ से हिलाते हुए मेरी चुत में डालने के लिए करीब को आये, तो मैंने उनको मेरी चुत में लंड डालने के लिए मना कर दिया.

मेरे पति ने मुझसे सवालिया शक्ल से पूछा- क्या हुआ भोसड़ी वाली.. साली चुत तो खोल कर रखी हो.. और चुत में लंड ना डालने की कह रही हो?
मैंने कहा- चुत चोदना बाद में … अब तुम आज अपना लंड मेरी गांड में डालकर चोदो.
पति ने कहा- तुम्हें दर्द होगा.
मैंने कहा- दर्द सह लूँगी … लेकिन तुम्हारे लंड से आज गांड चुदवा कर ही मानूंगी.

फिर क्या था … पति ने वैसलीन की डिब्बी उठाई और थोड़ी सी वैसलीन लेकर उंगली के जरिये मेरी गांड में डालकर उंगली अन्दर बाहर करने लगे, जिससे मेरी गांड खुल गई और मेरे पति की उंगली मेरी गांड में आसानी से अन्दर बाहर होने लगी. आज मैंने भी अपनी पूरी गांड ढीली कर दी थी, जिससे गांड का छेद खुल गया था.

अब मेरे पति ने थोड़ी सी वैसलीन को अपने लंड के सुपारे के सामने लगा दिया. इसके बाद उन्होंने अपने दांए हाथ से मेरी गांड को फैलाकर अपना लंड बांए हाथ में पकड़ कर गांड के छेद पर सैट कर लिया. फिर लंड को हाथ में ही पकड़ कर वे मेरी गांड में घुसाने लगे.

आहिस्ता आहिस्ता पति के लंड का सुपारा मेरी गांड घुसता जा रहा था. वैसे मुझे थोड़ा सा दर्द हो रहा था.. लेकिन मैं दांत पर दांत दबाए हुए गांड मरवाने पर तुली हुई थी.

कुछ ही देर की मशक्कत से मेरे पति के लंड का सुपारा मेरी गांड में घुस गया था. उधर मेरे पति बिना रूके अपने लंड को मेरी गांड में सरकाते जा रहे थे. वे उंगली में वैसलीन लेकर लंड के बाहर रहने वाले में हिस्से में लगाते जा रहे थे. वैसलीन की चिकनाहट की वजह से उनका लंड मेरी गांड में फिसलता हुआ आसानी से घुसता जा रहा था. मेरी गांड की दीवारें इस वक्त मेरी हिम्मत के कारण शांत होकर दर्द सहन कर रही थीं.

अब तक मेरे पति का आधा लंड मेरे गांड में घुस गया था. लंड को और अन्दर न घुसेड़ कर इस बार मेरे पति अपना लंड बाहर निकालने लगे. तो मेरी गांड में गुदगुदी सी होने लगी. मेरे पति ने अपना लंड सुपारे तक बाहर निकाला और फिर गांड में घुसाने लगे. अब ये खेल मुझे अच्छा लगने लगा था. मेरे पति अपना आधा लंड ही मेरी गांड में अन्दर बाहर करके मेरी गांड चोदने लगे.

अब मुझे भी मजा आने लगा. मैं दर्द को भूलकर मदमस्त होकर गांड चुदवा रही थी. आप विश्वास नहीं करोगे कि आधे घंटे से ज्यादा देर तक मैं अपनी गांड चुदवाती रही थी.

फिर मेरे पति ने अपना लंड मेरी गांड में से निकाल लिया और मुझे बेड के किनारे मेंढक जैसा बना दिया, जिससे मेरी गांड बेड के किनारे बाहर को आ गयी. मेरे पति ने फिर से थोड़ी सी वैसलीन अपने उंगली पे लेकर मेरी गांड में डाल दी और थोड़ी वैसलीन अपने लंड के सुपारे के सामने लगा दी. फिर उन्होंने वही क्रिया दुहराई. अपने बांए हाथ से मेरी गांड को थोड़ा फैलाया, दांए हाथ में अपना लंड पकड़कर मेरी गांड के छेद पर सैट किया और लंड को मेरे गांड में घुसाने लगे. मेरी गांड वैसलीन से बहुत ही चिकनी हो गई थी और अब गांड का छेद भी लंड की मोटाई के मुताबिक़ खुल गया था. इस बार मेरे पति का लंड आसानी से मेरे गांड में घुस रहा था. आधा लंड मेरी गांड में एकदम से घुस गया था. लेकिन मेरे पति बिना रूके लंड को मेरे गांड में घुसाते रहे.

कुछ ही देर की कोशिशों के बाद मेरे प्यारे पति का पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया था. सच में मुझे अपनी गांड में अपने पति का लंड लेकर बहुत मजा आ रहा था. मेरे मुँह से लगातार आवाजें आ रही थीं.

मेरे पति अपने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को फैलाकर अपना मोटा लंड मेरी गांड में डालकर धकापेल चोद रहे थे. मैं अपनी गांड चुदवाने का भरपूर आनन्द उठा रही थी. पति देव अपना पूरा लंड मेरी गांड में डालकर फिर से पूरा लंड बाहर निकाल लेते थे, सिर्फ सुपारा ही मेरी गांड में रहता था. मुझे दर्द की जगह आज जन्नत का मजा मिल रहा था.

करीब पन्द्रह मिनट तक मेरी गांड चोदने के बाद गांड से लंड निकालकर उन्होंने मेरी कुलबुलाती चुत में घुसेड़ दिया. पांच मिनट तक मेरी चुत चोदने के बाद फिर से अपना लंड मेरी गांड में डालकर मेरी गांड मारने लगे.
मैं तो जन्नत में सैर कर रही थी.

पूरे एक घंटे तक मेरे पति मेरी गांड और चुत अदल बदल कर चोदते रहे. मेरे पति का बहुत दिनों का सपना था कि वे मेरी चुत और गांड बदल बदल कर चोदें. आज उनका वो सपना पूरा हो गया था. मेरे पति आज बहुत खुश थे. मेरी गांड चोदने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी. मैंने पहले भी बताया था कि मेरे पति की खासियत है कि जब तक वो नहीं चाहते, तब तक उनका वीर्य लंड से बाहर नहीं आता.