प्लेबॉय बनने के फायदे और घाटे मालूम हुए

दोस्तों, मेरा नाम समीर है और मैं हरयाणा का रहने वाला हूँ | मेरी हाइट 6 फुट है और रंग गोरा है | मैं शुरुआत से ही जिम करता आ रहा हूँ इसीलिए मेरी बॉडी फिट है और सिक्स पैक एब्स हैं | दोस्तों मैं Free Hindi Sex Stories पर रोज कहानियां पढ़ता हूँ और आज मैंने सोचा की क्यूँ न मैं भी अपनी आपबीती सुनाऊं | चलिए दोस्तों, अब मैं कहानी पर आता हूँ |

loading…

ये बात अभी कुछ महीनों पहले की ही है जब मेरे पास पैसों की बहुत कमी चल रही थी | मुझे पढा लिखा होने के बावजूद नौकरी नही मिल रही थी और इस वजह से मैं बहुत परेशान था | इसी बीच मेरे बचपन का एक दोस्त जिसका नाम सुधीर है, वो गाँव आया | मैं जब उससे मिला तो उसके ठाठ बाट देख कर दंग रह गया | दोस्तों, वो मुझसे भी कम हाइट का था और बॉडी भी बस ठीक ही थी | पढाई में तो वो मुझसे भी पीछे था | वो अभी 6 महीने पहले ही दिल्ली गया था कमाने लेकिन जब वो आया तो उसके पास महंगा फोन, महंगे कपडे और यहाँ तक की एक अच्छी कार भी थी | मैंने सोचा की इसकी ऐसी कौन सी नकरी लग गयी जिसमे इतना पैसा मिलने लगा | मैंने उससे अकेले में बात की | पहले तो वो काफी देर तक टालता रहा लेकिन जब मैंने अपनी प्रोब्लेम्स डिटेल में बताई तो वो मेरी मज़बूरी समझ गया और बोला की जो काम वो करता है, वो थोडा रिस्की है और उसमे ज़मीर को साइड में रखना पड़ता है | मैंने बोला किसी का बुरा तो नही करना है न कुछ ? वो बोला नही |

मेरी हालत ऐसी थी उन दिनों की मैं पैसे कमाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार था | मैंने बोला भाई अगर किसी का बुरा नही कर रहा हूँ तो मुझे ज़मीर को साइड में रखने में कोई दिक्कत नही है | वो बोला ठीक है | फिर उसने मेरे साथ खेतों की तरफ चलने को कहा घुमने के लिए | मैं चल पड़ा | एक थोड़ी सी सुनसान जगह पर जाकर वो बोला की की चल मूतते हैं | मैंने बोला भाई मुझे लगी नही है अभी | वो बोला साथ में मूत भी नही सकता क्या अब ? मैंने बोला ऐसा नही है भाई | फिर मैंने पैंट की चैन खोली और लंड निकाल कर मुतने लगा | वो मेरे बिलकुल पास आकर मुतने लगा | उसने मेरा लौड़ा देखा और बोला की तू तो मेरा धंधा भी चौपट कर सकता है | मैंने बोला मतलब ? बोला ये जो तेरा औजार है न, यही तेरी कमाई करवाएगा और तेरा तो मेरे वाले से भी बडा है इसीलिए और अच्छा कर सकता है | मैं अपने लंड की तारीफ सुन कर खुश भी था लेकिन ये सोच कर की मुझे ऐसा काम करना पडेगा, दुखी भी हो गया | सुधीर बोला भाई जब पैसे हों तो दुनिया ये नही पूछती की काम क्या करते हो | फिर सब यही देखते हैं की क्या जलवे झाड रहे हो | मैंने बोला हाँ भाई, बात तो सही कह रहा है तू | अब मैंने ओनी लाचारी के बारे में सोचा और फैसला किया की मुझे पैसे तो कमाने ही हैं और मैं किसी का कुछ बुरा भी नही कर रहा, किसी से कोई जबरदस्ती नही कर रहा तो फिर क्या हर्ज है | मैंने सुधीर से हाँ कर दी और बोला की भाई बता कब चलना है | वो बोला 2 दिन में | तब तक तू अपनी झांट को साफ़ कर ले | मैंने बोला ठीक है अभी और फिर मैं अपने घर आ गया |

मैं अब फैसला ले चूका था जाने का इसीलिए मुझे कोई दुःख नही था | घर पहुच कर मैंने अपने कपडे उतारे और शेव करने वाली मशीन लेकर बाथरूम में चला गया | मैंने अपनी झाटों को अच्छे से साफ़ किया | फिर अपनी दाढ़ी भी सही की और नहाने लगा | 2 दिन बाद मैंने अपना बैग रेडी किया और सुधीर के साथ उसकी कार में बैठकर उसके साथ चल दिया | सफ़र के बाद हम दोनों उसके कमरे पर पहुँच चुके थे | अब थोडा आराम किया हम दोनों ने और उसके बाद सुधीर ने रेडी होने को बोला | रेडी होने के बाद हम दोनों उसके एजेंट के पास गये | उसका एजेंट लगभग 40 साल का एक आदमी था | सुधीर ने उससे मेरा परिचय करवाया | एजेंट तो मुझे देखकर खुश हो गया | एजेंट ने मुझसे बोला की चलो कमरे में फोटोग्राफी करनी पड़ेगी | मैंने सुधीर को पहले बता रखा था मेरा असली नाम न बताने को | मैंने एजेंट को भी अपना नाम डेविड बताया और बताया की मैं मुंबई से हूँ | मेरे बोलने का अंदाज भी ठेठ हरयाणवी नही था इसीलिए कोई आसानी से नही पहचान सकता था | अब मैं और एजेंट उसेक कमरे में गये और उसने बोला डेविड, शॉट के लिए रेडी हो जाओ | मैं रेडी हो गया | पहले तो एजेंट ने कुछ फोटो कपड़ों के साथ खिंची फिर मुझे शर्ट निकाल कर एब्स दिखाने को बोला | मैंने शर्ट निकाल दी | अब उसने फिर अलग अलग पोज़ में मेरी फोटो खिंची फिर उसने मुझे पैंट भी निकालने को बोला | अब मुझे थोडा अच्छा नही लग रहा था लेकिन सुधीर ने कान में समझाया की काम के लिए ये सब जरूरी है और तेरा असली नाम नही बल्कि इन फोटोज के सह डेविड नाम ही जाएगा | अब मैं मान गया और अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी |

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *