मेरी प्यासी चूत में देवर का मोटा लंड

हैलो पाठको, मेरा नाम नेहा है. मैं आज आप सबके सामने अपनी एक कहानी बता रही हूँ.. जो मेरी आप बीती कहानी है. मुझे लगता है कि मेरी ये कहानी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी.
मेरी पिछली कहानी
मेरी प्यासी चूत में जीजू का लंड
की तारीफ़ बहुत सारे पाठकों ने की. धन्यवाद.

मेरी शादी के 2 साल हो गए हैं. मेरी शादी जब हुई थी, तब मेरे पति मुझे खूब चोदते थे. हम लोग रात में रोज चुदाई करते थे और कभी कभी तो मेरे पति मुझे दिन में भी चोद देते थे.

समय बीता, तो मेरे पति अब मुझे थोड़ा कम चोदने लगे. वो अपने काम में बिजी रहने लगे. मेरी चूत में अब चुदवाने का खूब मन होने लगा था.. जबकि पति की निष्क्रियता मुझे सालने लगी थी. हालांकि मैं अपने पति को धोखा नहीं देना चाहती थी. तब भी चूत की आग बढ़ने से मुझे मेरी चुदास कुछ ज्यादा ही परेशान करने लगी थी.

मेरे पति का देवर मुझसे हमेशा गन्दी हरकत करता था लेकिन मैं ये बात अपने पति को नहीं बताती थी क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वजह से मेरे पति और मेरे देवर के बीच में झगड़ा हो जाए. मेरे देवर थोड़ा हरामी आदमी था. वो हमेशा मेरी चुचियों को देखता रहता था, जब मैं उनके कमरे में जाकर झाड़ू लगाती थी. वो शुरू से ही मुझे अपना बनाना चाहता था क्योंकि मेरे पति जब भी काम पर जाते थे, तो वो तुरंत मेरे रूम में आ जाता था और मैं चाह कर भी उसको अपने रूम से जाने के लिए नहीं कह सकती थी.

उसकी घर में भी थोड़ा ज्यादा चलती थी और वो दिखने में भी थोड़ा मजबूत था.

इधर मैं अपनी कहानी बताने से पहले आपको अपने बारे में बता दूँ. मैं एक गृहणी हूँ और मैं घर का काम करती हूँ. मुझे बाहर के काम से कोई मतलब नहीं रहता है. मतलब बाजार से सामान आदि लाना ये सब मेरे जिम्मे नहीं था. मेरा देवर ही बाहर का सारा काम करता है.

मेरी चूची और गांड दोनों लोग बाहर की तरफ निकलते हुए हैं. दरअसल मेरी तनी हुई चूचियां और उठी हुई गांड ही मुझे सेक्सी बनाते हैं. यही वजह थी कि मेरा देवर जब भी रसोई में आता है, तो वो मुझे छूने की कोशिश करता है. वो कभी कभी तो मेरी गांड को भी छूता है और मैं उसको कुछ बोल भी नहीं पाती हूँ.

मुझे भी अब आदत हो गयी थी और ऐसे ही मैं भी अपने देवर से थोड़ा घुल मिल गयी हूँ. मेरा देवर जब भी मेरी गांड को छूता है, तो मैं उसको कुछ नहीं बोलती थी जिससे उनकी हिम्मत बढ़ती ही जा रही थी. अब तो कभी कभी वो मेरे बेडरूम में आकर मुझसे बहुत देर तक बात भी करने लगा है. उसकी इन हरकतों से मेरी भी हल्की हल्की सेक्स जैसी मनोवृत्ति बनती जा रही थी.

मेरे पति अपने काम में इतने अधिक व्यस्त रहने लगे थे कि उनको अब मुझसे कोई मतलब नहीं रह गया था. वो बस अपने काम में ही मस्त रहते हैं. मैं भी अपने पति की कम चुदाई से अब तंग आ गयी थी. क्या करूँ अब वो मुझे बहुत ही कम चोदते थे. समझो महीने में एकाध बार ही उनका लंड मुझे अपनी चूत के लिए नसीब हो पाता था. इस वजह से मुझे अपनी चूत में उंगली करके अपनी चूत को शांत करनी पड़ती थी.

इस सबसे मैं बड़ी धर्मसंकट में थी. आखिर करूँ तो क्या करूँ … अगर अपने पति को बताती कि मुझे और चुदवाने का मन कर रहा है, तो वो न जाने मेरे बारे में क्या सोचते. इसलिए मैं चूत में उंगली करके ही रह जाती थी. मैं कैसे भी अपने पति को कभी कभी रात में चुदाई के लिए मना लेती थी और उनसे चुदवा लेती थी.

एक बार मेरे पति को ऑफिस के काम से बाहर जाना था और वो दो दिन के लिए बाहर चले गए. मैंने उनके जाने के लिए सब कुछ तैयार कर दिया और उनके सामान की पैकिंग में भी उनकी सहायता कर दी.
मेरे देवर ने मेरे पति को बस तक छोड़ा और पति बस से चले गए. उनके जाने से मुझे थोड़ा अकेलापन महसूस होने लगा था. मेरे पति ऑफिस के काम से दो दिन के लिए बाहर गए थे, इसलिए मुझे दो दिन अब अकेले ही रहना था.

मेरे देवर कभी कभी दोपहर में मुझसे आकर बात करते थे. उनको मेरे सास ससुर के सामने बात करने में भी कोई दिक्कत नहीं होती थी. मेरे सास ससुर को सिर्फ खाने से मतलब था. वे भी देवर के काम में कोई टांग नहीं अड़ाते थे.

पति के जाने के बाद मैं अपने रूम में अकेली सो रही थी, तभी मेरा देवर आया और बोला कि भाभी आप अकेले बोर हो रही हो.. तो चलो मैं आपको बाहर कहीं घुमाने ले चलता हूँ.
पहले तो मैंने अपने देवर को मना कर दिया, लेकिन बाद में मैं अपने देवर के मनाने पर मान गयी. मैं भी अकेले रूम में पड़ी पड़ी क्या करती. इसलिए मैं अपने देवर के साथ बाहर घूमने चली गयी.

हम दोनों को घूमते घूमते रात हो गयी थी. हम दोनों बाहर खाना खाने के लिए होटल में रुके और अपने सास और ससुर के लिए भी देवर ने खाना पैक करवा लिया.
मेरा देवर जब भी बाइक से मुझे घुमा रहा था, तो जब वो ब्रेक मारता तो मेरी चूचियां मेरे देवर की पीठ से लग रही थीं. मेरा देवर भी मेरे मम्मों का मजा ले रहा था.. बाद में मुझे भी मजा आने लगा.

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *