मेरी प्यासी चूत में देवर का मोटा लंड

मुझे उस अकेलेपन से तो अच्छा देवर के साथ बाइक पर घूमना लग रहा था. हम दोनों लोग देर रात तक बाहर घूमे और रात को घर आ गए. मैंने अपने सास और ससुर को रात का खाना खिलाया, जो हम बाहर से पैक करवा लाए थे.

उसके बाद मैं अपने बेडरूम में चली गयी. मेरा देवर अपने रूम में था और मैं अपने बेडरूम में थी. मैं अपने कमरे में अपने कपड़े बदल रही थी. मैंने अपनी साड़ी निकाल दी थी और मैं ब्लाउज और पेटीकोट में थी. जल्दी में मैं अपने कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गयी थी. मैं जिस वक्त अपने रूम में ब्लाउज और पेटीकोट में थी, उसी समय मेरा देवर मेरे कमरे में आ गया और उसने मेरे करीब आकर मुझे पकड़ लिया.

उसके जोर से जकड़ लेने से मेरे ब्लाउज में से मेरी आधी चूचियां बाहर आ गयी थीं. मेरा देवर मेरी गर्दन को चाटने लगा. मैं अपने देवर को मना कर रही थी, लेकिन मैं चूंकि अपने पति से बहुत दिन से नहीं चुदी थी, इसलिए मैं भी गर्म हो गयी थी. मेरा देवर मेरी गर्दन को चाटने के बाद मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरी चूची को दबाने लगा. मैं भी हल्की हल्की आहें भरने लगी.

पीछे से मेरे देवर का लंड मेरी गांड में लग रहा था और मेरा देवर मेरे पेटीकोट के ऊपर से अपना लंड मेरी गांड में रगड़ रहा था. मैं सारे दिन से चूचियों की रगड़न से पहले ही चुदासी सी हुई पड़ी थी. इसलिए अभी देवर के इस कदम से मैं एकदम चुदवाने के मूड में आ गयी थी. मेरी चूत में से पानी निकलने लगा था.

तभी मेरे देवर ने मेरा ब्लाउज निकाल दिया. मैंने सफ़ेद रंग की मॉडर्न ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें से मेरी चूची एकदम साफ़ तनी हुई दिख रही थीं. मेरे देवर से रहा नहीं गया. उसने मेरी ब्रा को फाड़ दिया और मेरी बड़ी बड़ी चूचियों पर टूट पड़ा. वो मेरी एक चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा. मैं भी बहुत मादक आवाजें निकालने लगी. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था.

मेरे देवर ने मेरी चूची को बहुत देर तक चूसा और मेरे निप्पलों को भी वो अपने दांतों से हल्का हल्का काट रहा था. चूचियों के साथ उसने मेरी चूत को भी दबाया. फिर मेरे देवर ने मेरे पेटीकोट को निकाल दिया और मेरी काली रंग की पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को सहलाने लगा. कुछ ही देर में उसने मेरी पेंटी को खींच कर निकाल दिया और मुझे पूरी नंगी कर दिया.

इसके बाद उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी चूत में अपना जीभ डाल मेरी चूत को चाटने लगा. मेरी चूत से पानी निकल रहा था और मेरा देवर मेरी चूत की पानी चूसने लगा. उसकी चूत चुसाई से मेरी चूत ने एकदम से पानी छोड़ दिया और मेरी चूत का सारा पानी मेरे देवर ने पी लिया.

झड़ जाने के बाद मैं थोड़ा सा शांत हो गयी थी, तभी मेरे देवर ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और मेरी मुँह में अपना लंड डाल कर मुझे अपना लंड चूसने के लिए बोलने लगा. मैंने अपने देवर का लंड थोड़ी देर तक चूसा. फिर मैंने लंड बाहर निकाल दिया तो वो लंड की मुठ मारने लगा. मेरा देवर अपना लंड जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करने में लगा था. मैं बिस्तर पर लेटी थी और उसने एक बार मुठ मार कर सारा माल बिस्तर पर गिरा दिया.

हम देवर भाभी एक दूसरे को नंगे ही किस कर रहे थे. कुछ ही देर की चुम्मा चाटी के बाद हम दोनों फिर से गर्म हो गए.

अब मेरे देवर ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. मैंने भी अपनी गांड उठा कर लंड पूरा अन्दर तक ले लिया. देवर मेरी चूत में अपना लंड डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. धकापेल चुदाई होने लगी थी. हम दोनों की सांसें थोड़ी सी तेज हो गयी थीं. हम दोनों मदमस्त होकर चुदाई करने लगे थे. मेरी चूत में बहुत दिन के बाद लंड गया था, इसलिए मेरी चूत मेरे देवर का लंड पूरा अन्दर तक ले रही थी. जब मेरी चूत देवर के लंड को पूरा अन्दर ले रही थी और उससे चुदवा रही थी तब मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था. मेरी चूत को बहुत दिन के बाद लंड मिला था, इसलिए वो बहुत भूखी थी.

हम दोनों सेक्स करते करते एक दूसरे में खोने से लगे थे. हमें ये भी नहीं पता था कि मेरे बेडरूम की खिड़की और दरवाजा दोनों खुले रह गए थे. मेरी जैसे ही खिड़की और दरवाजे पर नजर गई तो मैंने जल्दी से अपने देवर को अपने से दूर किया और देवर से रूम की खिड़की और दरवाजा बंद करने के लिए बोला.

मेरे देवर ने जल्दी से उठ कर बेडरूम की खिड़की और दरवाजा बंद किया. इसके बाद हम दोनों दुबारा सेक्स करने लगे. जैसा कि मैंने ऊपर ही लिखा था कि मेरा देवर शरीर से थोड़ा मजबूत है, इसलिए वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था. उसके लंड में जबरदस्त ताकत थी. जबकि मेरे पति को तो बस अपना माल गिराना रहता है और जैसे ही उनका माल गिरता है, वो सो जाते हैं. उनके लंड के जल्दी झड़ जाने से मेरी चूत प्यासी रह जाती थी.

मेरे देवर ने बहुत देर तक मेरी चूत को चोदा और हम दोनों लोग सेक्स करते करते झड़ गए. मुझे बहुत राहत मिली कि मेरी चूत आज बहुत दिन के बाद लंड की चुदाई से झड़ गयी.