मेरी प्यासी चूत में देवर का मोटा लंड

मुझे अपने देवर के मोटे लंड से चुदवा कर बहुत अच्छा लग रहा था. मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था. मैं और मेरे देवर दुबारा एक दूसरे को किस करने लगे. इस बार हम एक दूसरे को दूसरे स्टाइल में किस कर रहे थे. मेरा देवर मेरे मुँह में अपनी थूक दे रहा था और मैं उसको पी रही थी. मैं अपने देवर के मुँह में थूक रही थी और वो मेरी थूक को पी रहा था. हम दोनों लोग एक दूसरे को बहुत तक चूमने चाटने के बाद दुबारा सेक्स करने के लिए बेचैन हो गए.

मेरे देवर ने मुझे अपने ऊपर करके अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे अपने लंड पर उछलने के लिए बोला. मैं अपने देवर का मोटा लंड अपनी चूत में लेकर उछल रही थी और वो बिस्तर पर चित्त लेट कर अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मजे ले रहा था.

हम दोनों ने ऐसे ही बहुत देर तक सेक्स किया. उसके बाद मेरा देवर मेरे ऊपर आ गया और अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोदने लगा. मैं अपने देवर की पीठ को पकड़ कर गांड उठा कर उससे चुदवा रही थी. मेरा देवर मेरी चूत को चोदते चोदते कभी कभी लंड बाहर खींच कर मेरी चूत पर एक लम्बा किस कर रहा था और मेरी चूत के दाने को मसल रहा था, जिससे मैं और भी ज्यादा कामुक हो रही थी.

मेरे देवर ने काफी देर इस तरह से चोदने और चूत चूसने के बाद अन्ततः अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे धकापेल चोदना चालू कर दिया. हम दोनों की चुदाई से और हम दोनों के लंड चूत के पानी से बिस्तर पूरा गीला हो गया था. क्योंकि चुदाई की मस्ती के चलते ये होश ही था कि लंड का रस और चूत की मलाई किधर टपक रही थी.

हम दोनों का पानी बिस्तर पर गिरा था और इसके पहले सोफे पर भी गिरा था. क्योंकि दूसरी बार की चुदाई से पहले कुछ देर तक हम दोनों ने ओरल सेक्स का मजा सोफे पर बैठ कर लिया था.

अब चूंकि कमरे के दरवाजे और खिड़की बंद हो गए थे, इसलिए हम दोनों लोग सेक्स करते करते एक दूसरे को बहुत जोर से गले लगा रहे थे और बिंदास खूब आवाजें भी निकाल रहे थे. मेरा देवर मेरे होंठों को चूस चूस कर मेरी सारी लिपस्टिक चाट गया था.

जब आखिर में मेरा देवर मेरी चूत को अपने लंड से चोद रहा था, तो मैं उसको जकड़े हुए थी क्योंकि वो बार बार लंड बाहर निकाल कर चूत चूसने लगता था.

इस बार मेरे खूब जकड़े रहने के बावजूद भी वो नहीं माना और उसने फिर से अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया. इस बार वो मेरी चूत में अपनी दो उंगली डाल कर मेरी चूत उंगली से चोदने लगा. मैं आहें भरने लगी थी. मेरे देवर ने मेरी चूत में उंगली करने के बाद अपना लंड चूत में डाल दिया और चूत चुदाई होने लगी.

जब मेरा देवर मुझे चोद रहा था, तो मैं मस्ती से चुदास से भरी हुई सिस्कारियां ले रही थी. मैं कभी कभी अपनी गांड उठा उतार कर अपने देवर का लंड पूरा अपनी चूत में ले रही थी. सच में मेरे देवर ने आज मेरी चूत को चोद कर मेरी प्यास को शांत कर दिया था. कुछ देर तक जबरदस्त चुदाई के बाद देवर ने मुझसे औंधा हो जाने को कहा.

अब हम दोनों डॉगी स्टाइल में चुदाई का मजा ले रहे थे. मेरी चूचियों मेरे देवर के हाथों में थीं और वो मेरी चूचियों का भुरता बनाने में लगा था. मुझे इस वक्त उसके लंड से बड़ी शान्ति मिल रही थी.

फिर करीब दस मिनट बाद हम दोनों सेक्स करते करते दुबारा झड़ गए और थकान के चलते वो मेरी गांड पर ही ढेर हो गया. उसके बाद हम दोनों लोग कब सो गए, हम दोनों को पता ही नहीं चला.

इसके बाद से मैं अपने देवर से खुल गई थी और अब तो मेरे पति मुझे चोदें या नहीं चोदें, मेरा देवर मुझे अपने मोटे लंड से बड़ी तसल्ली से चोदता है और मेरी चूत की आग को शांत करता है.

आप सबको मेरी देवर भाभी की चुदाई की कहानी कैसी लगी. आप सब मुझे बताएं, जिससे मैं और भी अपनी कहानी बता सकूं. अगर कोई मुझे चुदाई के दौरान मजा बढ़ाने वाली सलाह भी देना चाहता है, तो वो भी लिख दीजिये. प्लीज़ मेरी कहानी को अपने फीडबैक जरूर दीजिये.