प्यासी मकान मालकिन की प्यास बुझाई

फिर उन्होंने ब्लाउज भी निकाल दिया और ऐसे ही करते – करते उन्होंने पेटीकोट भी निकाल दिया. मुझे वो नजारा देख कर कुछ – कुछ हो रहा था. अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी. मैं पूरी तन्मयता से उन्हें देख रहा था. तभी मेरा मोबाइल बजा और चाची पीछे पालट कर मुखे देख लिया और बोली, “तुम यहाँ क्या कर रहे हो?”…

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम योगेश है और मैं नाशिक का रहने वाला हूँ. वैसे तो मेरा गांव नाशिक से थोड़ा दूर पड़ता है लेकिन हमारा अधिकतर काम नाशिक से ही होता है.

बात उस समय की है, जब मैं बी.कॉम लास्ट ईयर में था. मेरी पढ़ाई के लिए मैं नाशिक में रुका हुआ था और साथ में एक होटल में पार्ट टाइम जॉब भी करता था. मैं ज्यादातर घर नहीं जाता था, इसलिए मैंने एक कमरा किराया पे लिया था.

मेरे मकान मालिक का नाम सुरेश था और वो एक कम्पनी में जॉब करते थे. उनको एक बेटी और एक बेटा था. बेटी की शादी हुई थी, और बेटा होस्टल में रह कर पढ़ाई करता था. ऐसे में घर पर बस वो और उनकी पत्नी ही रहते थे. एक कमरा खाली था, इसलिए उन्होंने मुझे दे दिया था.

मैं उन्हें चाचा बुलाता था. दोस्तों, मैं आप लोगों को एक बात तो बताना ही भूल गया, चाचा की जो बीवी थी व सच में बहुत कमाल की थी. उनका नाम सीमा था और वो दिखने में किसी हीरोइन से कम नहीं थी.

मुझे वहां कमरा लेकर रहते हुए 15 दिन ही हुए थे. शुरू में मैं उनसे ज्यादा बात नहीं करता था, लेकिन उन्हें कुछ लाना होता था, तो वो मुझे बुला लिया करती थी. चाचा कंपनी के काम से बाहर जाते थे और तब चाची घर पे अकेली ही रहती थी.

जब से मैं वहां रहने आया था, तब से चाची कुछ – कुछ उदास सी रहने लगी थीं. एक दिन की बात है, उस समय चाचा कुछ काम से चार – पांच दिन के लिए बाहर गये थे और उन्होंने जाते समय मुझे कहा था कि तुम्हारी चाची का ख्याल रखना.

उस दिन में रात को होटल नहीं गया था. क्योंकि चाची ने कहा था कि आज तुम काम पर मत जाओ. मैंने उनकी बात मान ली थी. फिर उन्होंने मुझे कुछ सामान लाने के लिये भेज दिया. जब मैं वापस आया तो मैं उन्हें देखता ही रह गया. चाची ने लाल कलर की साड़ी पहनी हुई थी. उसमें वो बहुत ही सेक्सी दिख रही थी.

यह देख कर मैंने कहा, “चाची, आप तो बहुत सुंदर और हॉट दिख रही हो. इस पर चाची बोलीं, “कुछ भी मत बोलो.” तो मैंने कहा, “नहीं चाची सच में आप किसी हीरोइन से किसी भी तरह कम नहीं हो.” इतना कह कर हम सोफे पर बेठे गये.

तब चाची बोली, “आज तुम मेरे साथ ही खाना खाओ क्योंकि मैं आज अकेली हूँ. तो मैंने उनके साथ ही खाने की हामी भर ली. फिर उन्होंने कहा कि अब तुम फ्रेश हो कर आओ, तब तक मैं तुम्हारे लिए चाय लेकर आती हूँ.

जब मैं बाथरूम में गया तो मैंने वहां पर चाची की ब्रा और पैंटी पड़ी देखी. उन्हें देख कर मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उनकी ब्रा उठा ली और उसको लेकर सूंघने लगा. उस में से अजीब से खुशबू आ रही थी. मैंने पहली बार किसी भी औरत की ब्रा को ऐसे सूंघा था. मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था. तभी चाची ने आवाज देकर कहा कि जल्दी आओ.

उनकी बात सुन कर मैं घबरा गया और जल्दी में ब्रा को वहीं रख कर बाहर आ गया. उस समय मेरा लंड खड़ा हुआ था. मैं उसे छुपाने की कोशिश कर रहा था. तभी उन्होंने कहा कि क्या हुआ. तो मैंने कहा कुछ नहीं हुआ और फिर हम दोनों चाय पीने लगे.

उसके बाद चाची ने खाना बनाया और हमने साथ में खाना खाया. मैंने एक निवाला चाची को भी खिलाया. यह उन्हें बहुत अच्छा लगा. बाद में जब मैं मेरे कमरे में सोने जाने लगा तब चाची ने कहा कि आज तुम मेरे साथ पास ही सो जाओ. अब मुझे उनके इरादे कुछ ठीक नहीं लग रहे थे, लेकिन मैं भी यही चाहता था.

फिर वो अपने कमरे में गई. अब मेरी तो आज नींद ही उड़ गई थी. फिर मैं भी उनके पीछे – पीछे उनके कमरे में चला गया. तब वो अपनी साड़ी निकाल रही थी, लेकिन उन्होंने मुझे देखा नहीं था. उस समय वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी.

फिर उन्होंने ब्लाउज भी निकाल दिया और ऐसे ही करते – करते उन्होंने पेटीकोट भी निकाल दिया. मुझे वो नजारा देख कर कुछ – कुछ हो रहा था. अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी. मैं पूरी तन्मयता से उन्हें देख रहा था. तभी मेरा मोबाइल बजा और चाची पीछे पालट कर मुखे देख लिया और बोली, “तुम यहाँ क्या कर रहे हो?”

अब मैं सीधा बाहर भाग आया. मैं डर गया था. मुझे लग रहा था कि अब तो मैं गया. फिर थोड़ी ही देर में चाची बाहर आई. तब उन्होंने मेक्सी पहनी थी और बाहर आते ही बोलीं, “क्या देख रहे थे?” तो मैंने कहा, “सॉरी चाची.” अब वो मेरे पास आकर बैठ गईं.

मुझे तो कुछ समझ में ही नहीं आया. उस समय मेरा लंड खड़ा हुआ था और वो साफ – साफ दिख रहा था. तभी उन्होंने कहा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है कि नहीं? मैंने कहा, “नहीं चाची.” फिर वो मेरे और पास आ गईं.

मेरा खड़ा लंड देख कर वो मेरे पैंट पर हाथ रख कर फेरने लगी. अब मुझे भी रहा नहीं गया तो मैंने उन्हें किस कर लिया और एक हाथ को उनके स्तन पर रख कर उन्हें दबाने लगा. उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था. अब हम दोनों एक – दूसरे को जोर – जोर से चूम रहे थे.

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