रीमा की मस्त चुदाई

तो वो बोली- झूठ!

और पहले से भी ज्यादा तेज हो गयी. अचानक से मेरी पिचकारी निकल पड़ी. “पिचाआअक्क्क्क” से पिचकारी छूटी और वो सारा माल पी गयी.

फिर वो मुझे गाली बकने लगी- बहनचोद ! पता नहीं क्या खाता है? इतना नमकीन माल मेरे मुँह में छोड़ दिया. लेकिन मैं तो निढाल होकर बेड पे लेटा रहा.

10 मिनट बाद ही हम दोनों का फिर से मूड बन गया. अब वो मेरे ऊपर आ गयी. मैंने उसकी ब्रा खोल दी और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. क्या गजब की चूचियां थी उसकी? बड़े बड़े गोल मम्मों पर छोटे छोटे सॉफ्ट निप्पल. मैं उसकी फुद्दी चोदने के साथ साथ उसके मम्मे भी चूसने लगा. वो भी अब काफी खुल गई थी. मैंने कहा- कैसा लगा मेरा लंड?

उसने कहा- ये भी मजेदार है. जतिन जितना ही.

फिर वो आँख मार के हंसने लगी. तब मुझे पता चला की वो मेरे दोस्त जतिन जो की यहीं पास में ही रहता है उससे भी चार बार चुद चुकी है. उसी ने रीमा को चुदाई में एक्सपर्ट किया था. अब मैंने रीमा की दोनों टांगों को अपने कन्धों पे रखा और उसकी चूत में धक्के पे धक्के लगाने लगा. कमरे में “फ़चाक- फ़चाक की आवाजें आ रही थीं.

रीमा ने कहा की- जन्नत की सैर काफी कर ली, अब चल तुझे चाँद की सैर कराती हूँ.

ये कह कर जाने कैसे उसने अपनी फुद्दी टाईट कर ली. वो पल मेरे लिए अब तक का सबसे मजेदार पल था. बॉस 3-4 झटकों के बाद ही मेरा माल निकलने पे आ गया. तभी उसने धक्का मार के मुझे पीछे किया और मेरा पूरा लंड अपने मुँह में डाल लिया. अपने होंठों और जीएभ से चूस चूस के उसने मेरा सारा पानी निचोड़ लिया. वो फिर आँख मार के हंसी और मुझे कस के चूमा. उसके बाद हम फिर थके होने के कारण बेड पे लेट गए.