संध्या आंटी की चुदाई

दोस्तों मेरा नाम सिद्दार्थ है ये स्टोरी मेरी और मेरे घर में रेंट से रहने वाली संध्या आंटी के बाड़े मैं है| मैं सतारा महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ| अब मैं स्टोरी चालू करते है ये बात २ साल पहले की है जब मैं इंजीनियरिंग के १ ईयर में था हमारा नया ही घर हुआ था और हमारे घर मई २ फ्लोर्स थे| निचे वाले फ्लोर पर मैं और मेरी फॅमिली रहते थे और ऊपर वाले फ्लोर पर किराये पर एक फॅमिली रहने को आये थी| उस फॅमिली में ४ लोग थे संध्या आंटी उनके पति एक लड़की और संध्या आंटी की सासु माँ | संध्या आंटी हाउसवाइफ है और उनके पति का कपड़ो का दुकान है और उनकी लड़की ४ में है और एक स्कूल में पढ़ती है|मैं आप को संध्या आंटी के बाड़े मैं बताता हु| वो २९ साल की थी जब ये हुआ और मेरी २१ साल थी|

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संध्या बहुत ही खुबसूरत दिखती है और वो बहुत हॉट उसकी फिगर तो ऐसा है की मई आप को क्या बताऊ|जब मैंने उसे पहली बार हमारे घर आई थी तब देखा तो मैं पागल ही हो गया था| वो हमारे घर में बैठी थी और मैं उसके लेफ्ट साइड में बैठा था तब संध्या ने रेड कलर की साड़ी पहनी थी और ब्लैक कलर का ब्लाउज था| और जब हवा आती थी तब उसकी साड़ी का पल्लू ऊपर उठ रहा था और मेरे सामने संध्या के मोटे मोटे चूची दिखाई देते थे ब्लाउज में| मुझे उसी दिन संध्या से प्यार हो गया मई उस रात सिर्फ उसी के बारे में सोच रहा था की इसे कैसे पटाना है सेक्स के लिए| कुछ दिन ऐसे ही चले गए मैं सिर्फ संध्या की देखता था और सोचता था की कैसे पटाऊ इसे| तभी एक दिन संध्या आंटी के घर में कोई नहीं था और उनका टीवी का डिश कुछ प्रॉब्लम दे रहा था तभी उन्होंने मुझे ऊपर बुलाया हमारे घर में भी टीवी को वो ही डिश था इसलिए मुझे सब पता था|मई ऊपर गया और देखा तो संध्या आंटी ने एक वाइट कलर की नाईटी पहनी थी|

और वो नाईटी थोड़ी ट्रांसपेरेंट थी और मुझे साफ दिख रहा था की सुने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था सिर्फ नाईटी थी| उनके निप्पल साफ दिख रहे थे ऊपर से ही| मैं संध्या को देखते डिश टीवी चेक कर रहा था| तभी संध्या ने मुझे नोटिस किया की मैं उसके चूची की तरफ घुर के देख रहा हु तभी संध्या ने मुझे अचानक एक हलकी सी स्माइल दी और पूछा तुम कुछ कोल्ड द्रिंग पीना चाहते हो तो मैंने भी हाँ बोला और वो किचेन में चली गई और मैंने डिश टीवी चालू कर के सोफे पर बैठ गया| तभी संध्या कोल्ड ड्रिंक ले कर आ गई और मुझे देने के लिए निचे झुक गई तभी मैंने जो देखा वो पहली बार इतने करीब से देखा था संध्या के चूची नाईटी से बाहर आ रहे थे| संध्या ने भी मुझे नोटिस किया और उसने थोड़ा भी टाइम बर्बाद नहीं किया| कोल्ड ड्रिंक बाजू में रखा और घर का मेन दरवाजा अन्दर से बंद किया और मेरे ऊपर आ कर बैठ गई और मुझे बाँहों में ले कर मेरे पुरे चेहरे पर किस करने लगी| तभी मुझे समझ में नहीं आ रहा था की मैं क्या करूँ मैं चुप चाप उधर ही बैठा रहा| तभी संध्या ने मुझे कहा की सिर्फ देख सकते हो कुछ कर नहीं सकते क्या प्लीज सिद्धार्थ मुझे चोदो मैं बहुत दिन की प्यासी हूँ|

ये सुनकर मेरे अन्दर एक गर्म लहर सी आ गई और मेरे अन्दर का शेर जाग गया मैंने भी उसे जोर से अपने बाँहों में पकड़ लिया और जोर जोर से उसे किस करने लगा| उसके होठ बहुत ज्यादा स्वीट थे मैं उसे बहुत देर तक किस करता रहा किस करके उसे बहुत खुश किया फिर मैंने उसे पूछा सिर्फ किस ही करना है या और भी कुछ करना है तभी उसने थोड़ा भी टाइम बर्बाद नहीं किया और मुझे बीएड रूम में ले कर चली गई| फिर बीएड रूम में जा कर मैं उसके ऊपर लेट गया और उसे फिर से किस करने लगा| उसकी पूरी बॉडी इतनी सॉफ्ट और मस्त लग रही थी उस वक्त मानो जन्नत की परी के ऊपर ही सोया हूँ मुझे ऐसा लग रहा था जिंदगी भर इसे अपने बाहों में लेकर बैठ जाऊ| फिर मैंने इसकी नाईटी ऊपर करके पूरी निकल दी और उसके पूरी बॉडी पर किस करने लगा| मैंने देखा की उसके चूत पूरी तरह शेव की हुई थी और लग रहा था की संध्या फर्स्ट टाइम सेक्स कर रही है इतनी टाइट क्गुत थी उसकी उस वक्त| फिर मैं उसके चूत को किस करने लगा| क्या बताऊ आपको क्या मजा आ रहा था| फिर मैं जोर जोर से उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरा सर पकड़ के जोर से प्रेस कर रही थी अपने चूत पर और जोर जोर से आवाज निकाल रही थी आ आ आह आह कॉमन सिद्धार्थ आहह आह आह आह वो आवाजे सुन कर मई और जोर से किस करने लगा|

फिर ऊपर आ कर मैं उसके चूची को चूसने लगा क्या बताऊ आपको क्या चूची है वो पुरे वाइट और टाइट निप्पल उसे चूसने मैं बहुत मजा आ रहा था ऐसा लग रहा था की इसे मुह से निकालू ही नहीं| संध्या के चूची इतने बड़े थे की वो मेरे मुह मैं ठीक से बैठ भी नहीं रहे थे और वो सिर्फ आवाज ही निकल रही थी आ आह आह आऊ आऊ आह| फिर वो मेरे ऊपर आ गई और मुझे किस करने लगी सब बॉडी पर| फिर मैंने उसे अपना लंड मुहं में लेने को कहा वो भी जल्दी से आ गई और मेरी अंडरवियर निकल दी और मेरा लंड हाथ में ले कर बोलने लगी क्या मस्त लंड है तुम्हारा काश मेरे पति का लंड ऐसा होता|मैंने उसे लंड मुहं में लेने को कहा तो वो मेरे लंड को बहुत प्यार से चुसने लगी वो उसे बहुत प्यार से अन्दर बाहर कर रही थी क्या बताऊ आपको कितना मजा आ रहा था मुझे लग रहा था की मैं जन्नत में ही बैठा हु और ऐसा लग रहा था की ये ख़तम ही न हो| वो जैसे जैसे मेरा लंड चूस रही थी वैसे वैसे मेरा लंड और बड़ा हो रहा था| अब मेरा लंड फुल पॉवर में खड़ा हो चूका था और मैं फुल रेडी हो गया था संध्या की चूत में लंड डालने के लिए| मैंने संध्या को निचे लिटाया और ऊपर से मैं लंड उसके चूत में डालने लगा| जैसे की मैंने आपको बताया ऐसा लग रहा था की संध्या फर्स्ट टाइम सेक्स कर रही है इतनी टाइट उसकी चूत थी|

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