ससुर जी ने मेरी चूत का किया काम तमाम

हैल्लो दोस्तों, मैं antarvasna नीलम आज अपनी जिंदगी की एक मस्त चुदाई की कहानी आप सबके लिए लेकर आई हूँ ये कहानी मेरे और मेरे ससुर जी के बीच हुई चुदाई की दास्तान है तो चलिए दोस्तों मैं अपनी कहानी को शुरू करती हूँ।

मैं नीलम जयपुर की रहने वाली हूँ मेरी शादी राहुल से 7 महीने पहले हुई थी हमारे साथ उनके पापा यानी मेरे ससुर जी रहते है मेरी सासू माँ की डेट मेरी शादी से पहले ही हो गई थी मैं अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ और वो भी मुझे बहुत प्यार करते है वो मुझे खूब चोदते है और मुझे उनसे चुदाई करने में बड़ा मस्त मज़ा आता है वो मुझे सुबह शाम दिन रात जब मर्ज़ी चाहे चोद देते है मैं भी उनसे काफ़ी मज़े में चुदती हूँ। दोस्तों अब मैं आपको अपने बारे में बता देती हूँ मेरी उम्र 26 साल है और मेरा रंग गोरा है और मेरा फिगर 34-28-36 है। और मेरी चूचियाँ मस्त गोल, सुडौल और सख्त है, गोरे रंग की चूचियों पर गहरे भूरे रंग की डोडियाँ बहुत सुंदर लगती है। मेरा जिस्म बिल्कुल किसी कारीगर की तराशी हुई संगमरमर की मूर्ति की तरह है, लोग मुझे इस डर से नहीं छूते कि मेरे शरीर पर कोई दाग ना लग जाए। मेरे पड़ोसी मुझे देखकर अपने लंड को मसलने लग जाते है जब वो मेरे सामने ऐसा करते है तब मुझे बहुत मज़ा आता है। जबसे मेरी शादी हुई है तबसे मेरे पति मुझे रोज जमकर चोदते है मुझे अब बिना चुदाई के नींद नहीं आती है। तभी मेरे पति को पूरे एक महीने के लिए कही बाहर ऑफीस के काम से जाना पड़ गया मैं चुदाई के लिए पीछे से ना तड़पू इसलिए मेरे पति ने मुझे ब्लू मूवी पेन ड्राइव में डालकर दे दी। उसके बाद वो चले गये उनके जाते ही मेरी चूत में आग लगनी शुरू हो गई मैं रात को ब्लू मूवी टीवी पर लगाकर देखती और अपनी चूत में उंगलियाँ करके अपनी चूत का पानी निकालती अब मेरा ये रोज़ का काम हो गया था एक रात मैं बेड पर पूरी नंगी होकर कमरे में पूरा अंधेरा करके सामने टीवी पर ब्लू मूवी लगाकर अपनी चूत में उंगलियाँ कर रही थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था की तभी मुझे लगा की विंडो में से कोई मुझे देख रहा है मैं पूरी तरह से डर गई और मैंने अपना टीवी बंद किया और आराम से मैं बेड पर लेट गई मैं बहुत डर रही थी की मुझे आज मेरे ससुर जी ने ये सब करते हुए देख लिया है मैं पूरी रात डर के मारे सो नहीं पाई मैं बस ये ही सोच रही थी की ये मेरे साथ क्या हो गया है पापा जी मेरे बारे में क्या क्या सोचते होंगे। आख़िर सुबह हुई और मैं उठी और तभी पापा जी ने मुझे चाय के लिए कहा, मैं जल्दी से किचन में गई और चाय बनाने लग गई मुझे उनके सामने जाने में भी काफ़ी डर लग रहा था मैं बहुत हिम्मत करके उनके पास गई और जैसे ही मैं उन्हें चाय देने के लिए नीचे झुकी तो मेरी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया और मेरे 34 के बूब्स पापा जी के सामने आ गये।

पापा जी की नज़रें मेरे ब्लाउज पर थी और मेरी नज़र उनके लंड पर थी उनका लंड खड़ा हो चुका था और तभी वो बोले बहू ज़रा ध्यान से काम किया करो जब वो मुझे ये बात कह रहे थे तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी मैं समझ गई की वो मुझे चोदना चाहते है मैं जल्दी से किचन में आ गई सच कहूँ तो पापा जी का खड़ा लंड देखकर अब मेरी चूत में कुछ कुछ होने लग गया मेरा मन अब चुदाई करवाने का हो रहा था। मेरी चूत में लंड लेने की आग सी लग रही थी तभी मैंने सोचा जो होगा देखा जाएगा आज तो मैं अपने ससुर जी से चुदकर ही मानूँगी फिर क्या था मेरा शेतानी दिमाग़ चलने लग गया, तभी मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया मैंने झट से एक स्टूल उठाया और उसके ऊपर चढ़कर पापा को स्टूल पकड़ने के लिए बुला लिया और मैं ऊपर से कुछ सामान उतारने लगी जैसे वो नीचे खड़े होकर स्टूल पकड़ रहे थे उस समय उनकी आँखो के सामने मेरी चिकनी 28 की कमर थी तभी मैं जानबुझकर उनके ऊपर गिर गई और पैर और कमर में चोट लगने का बहाना करने लग गई। पापा जी मुझे उठाकर बेड रूम में ले गये और फिर मेरे कहने पर वो मेरी कमर पर मूव लगाने लग गये। पापा जी भी कम नहीं थे वो मेरे जिस्म के पूरे मज़े ले रहे थे और फिर मुझे धीरे धीरे गरम भी कर रहे थे मेरे मुहँ से आहह. ओईई.. की गरम गरम सिसकारियाँ निकलने लग गई तभी पापा जी बोले बहुत मज़ा आ रहा है ना? मैं बोली पापा जी मज़ा तो आ रहा है पर यह सब ठीक नहीं है ये सुनते ही वो मेरे दोनों बूब्स को अपने हाथों से मसलने लग गये अब मैं और भी गरम हो रही थी। मैं अपने होंठो को अपने दांतों से चबा रही थी और अपनी दोनों आँखें बंद करके मज़े ले रही थी तभी पापा जी ने मेरे होंठो को बड़े प्यार से अपने होंठो में ले लिया और मेरे होंठो को अपने होंठो में लेकर धीरे धीरे चूसने लग गये मैं भी अब उनके होंठो को चूसने लग गई और उनके मुहँ में जीभ डालने लग गई करीब 10 मिनट तक हम दोनों ने जमकर किस किया फिर उन्होंने मेरे होंठो को छोड़ दिया और मेरा ब्लाउज और मेरी साड़ी को उतार दिया।

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