सोनम की झांटो वाली चूत को उंगली से चोदा

यह मेरी पहली चुदाई स्टोरी है. मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं खुद की कहानी लिखूंगा पर इतने स्टोरीज पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे अपनी स्टोरी भी शेयर करनी चाहिए. इस कहानी में मैंने सारे सच्चे नाम यूज किए हैं क्योंकि सिर्फ नाम बताने से सोनम को और मुज को कोई हानि नहीं होगी.

इस कहानी में मैं और मेरे ऑफिस की कलीग सोनम दोनों शामिल है. पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूं. मैं 26 साल का पंजाबी लड़का हूं, हाइट और शरीर से एकदम फिट हूं.

सोनम जो कि मुझसे दो साल छोटी है यानी २४ साल की है, हालांकि यह कहानी लगभग २ साल पुरानी है. तब वह २२ साल की थी. सोनम एक ओड़िया लड़की थी जो मुंबई में काम करने आई थी. वह सांवले रंग की थी, पर एकदम पटाखा माल थी. उसका फिगर एकदम सुडौल था. उसकी गांड टाइट जींस में बेहद मादक लगती थी. चुचे करीब ३४ साइज के थे और एक दम पतला शरीर था. किसी भी पतली लड़की के इतने बड़े और सुडोल चुचे मैंने आज तक नहीं देखे थे. सोनम को पहली बार देख कर ही मुझे वह अच्छी लगने लगी थी. हालाकि चुदाई का कोई खयाल मेरे दिमाग में नहीं था. तब मुझे वह बस दिखने में और ओवर ऑल सही लग रही थी.

मेरी खुद की गर्ल फ्रेंड बेंगलुरु में रहती थी, इसलिए मुझे सोनम पर डोरे डालने का पूरा चांस मिल जाता था और में उसका पूरा पूरा फायदा उठाता था.

धीरे धीरे मैंने सोनम से बात करना स्टार्ट किया इस बहाने कि वह मुझे किसी की याद दिलाती है, पर कौन यह मैं समझ नहीं पा रहा. उसको यह बात बहुत बचकानी लगी पर फिर भी उसने मुझे फ्रेंडशिप कर दी. धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ती गई. हम साथ में ऑफिस आने जाने लगे. मैं रोज उसको उसके घर से पिक करता और ड्रॉप भी करता था.

मुझे कुछ दिन बाद पता लगा कि सोनम का बॉयफ्रेंड भी है, जो उसके साथ बदतमीजी करता है और उसे मारता है. मैंने उसको समझाया और कहा कि अपने बॉय फ्रेंड से अलग हो जाए, वह खुद भी यही चाहती थी पर वह कह नहीं पा रही थी. फिर ऐसे ही कुछ महीने बीत गए हम रोज मिलते ऑफिस के बाद भी ज्यादा टाइम साथ ही बिताते थे. मैं मुंबई में अपने खुद के १ बीएचके फ्लैट में रहता हूं, पर सोनम कभी मेरे साथ अकेली नहीं आती थी.. मुझे भी उससे तन का लगाव हुआ नहीं था. मैं तो केवल उसको मन से चाहने लगा था.

एक दिन सोनम ने मुझे कॉल किया और कहा कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसके साथ फिर से बदतमीजी की है और वह रो रही है. मैं तुरंत गाड़ी निकाल के उसके पास पहुंचा वहां वह और उसकी दो फ्रेंड्स थी जो उसे समझा रहे थे.

फिर मेरे पहुँचने के बाद मैंने उसे थोड़ा समझाया और मैं उसे घुमाने ले जाने को कहा उसके फ्रेंड ने भी जबरदस्ती उसको मेरे साथ भेजा और कहा कि जा तेरा मूड फ्रेश हो जाएगा. फिर मैं उसे लॉन्ग ड्राइव पर ले गया, इस बार मुझे पहली बार सोनम के प्रति गंदे ख्याल आना शुरू हुए थे, क्योंकि उसने जो पंजाबी सूट पहन रखा था बिना चुन्नी के वह बेहद टाइट था और उसके बड़े बड़े गोल चुचे उसमें समा नहीं रहे थे. मैं ड्राइव करते करते उसके चुचे निहार रहा था. वह एकदम शांत थी और मेरा लौड़ा पूरी तरह टाइट हो गया था, मन तो कर रहा था कि गाड़ी झाड़ियों में ले जाकर उसको पटक के चोद डालूं पर मुझे अच्छे से यह पता था कि यह नामुमकिन है क्योंकि वो इस वक्त अपने बॉयफ्रेंड के गम में हे.

मैंने कई बार गाड़ी चलाते हुए उसे शांत करने के बहाने उसके जांघो को छूकर सहला दीया पर इससे आगे बात नहीं बढ़ाई, क्योंकि मुझे पता था सोनम एक सीधी सादी लड़की है और उसको यह सब पसंद नहीं आएगा, यही सिलसिला कंटिन्यू रहा. फिर एक दिन उसने अपने बॉयफ्रेंड को ब्रेकअप दे दिया. फिर भी सोनम मुझे मैं वैसा इंटरेस्ट नहीं दिखाती थी जैसे कि मुझे ख़्वाहिश थी.

लेकिन वह रात आ ही गई जिसका मुझे महीनों से इंतजार था. ऑफिस वालों ने एक ऑपन गार्डन में पार्टी रखी थी रात के समय.

हम लोग पार्टी में जाने वाले थे. तभी सोनम ने कॉल किया और कहा कि मैं उसे लेने आ जाऊं क्योंकि उसे और उसकी फ्रेंड नीलांजना जोकि ऑफिस में ही काम करती थी उन्होंने बहुत छोटी ड्रेस पहनी है और वह बाइक पर नहीं आ सकते. जैसे ही मैं वहां पहुंचा तो देखा सोनम ने एक मरुन और काले कलर की ड्रेस पहन रखी है, जो की बहुत छोटी थी. वह सर से पांव तक खूबसूरत लग रही थी. उसकी टांगें उसके बड़े बड़े बूब्स उसकी शकल उसके बाल हाय.. जी तो कर रहा था कि लंड उसके सामने हिला लू, खैर फिर हम तीनों पार्टी में पहुंचे.

फिर पार्टी के दौरान हम ज्यादातर साथ ही रहे थे पर बीच बीच में अलग हो जाते थे. पार्टी में मैंने बहुत दारू पी ली और सोनम के पास जाकर उसके खूब तारीफ की कि वह कितनी सुंदर लग रही है और मुझे ऐसी गर्लफ्रेंड ही चाहिए थी. मैं दारु के नशे में बहुत ज्यादा खुल गया और उसकी बहुत तारीफ करने लगा सोनम वैसे तो दारु नहीं पीती थी पर उस रात उसके बॉस ने सोनम को दो शॉट चढ़ा दिए थे तो सोनम भी थोड़ी सी नशे में थी. और वह मेरे मुह से अपनी तारीफ सुन कर बहोत ही ज्यादा खुश हो रही थी.