चेन्नई एक्सप्रेस में चूत से मुलाकात

दोस्तो, मैं साहिल सागर, वर्ली मुंबई से हूँ. मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा फैन हूँ. मैं इस साईट पर सन 2009 से कहानियां पढ़ रहा हूँ. दरअसल मैंने जब कॉलेज में एडमिशन लिया था, तो वहां कुछ दिनों के बाद मैं एक दोस्त के रूम पर गया था. उधर उन सबमें से एक दोस्त ने लैपटॉप पर अन्तर्वासना की साईट खोल कर मुझे दिखाई थी, उसके बाद तो अन्तर्वासना ही मेरा फेवरेट मजा हो गया था. मुझे जब भी मौका मिलता, मैं अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ने लगता था. मैं भी सोचता था कि मेरी भी कोई कहानी बने, जिसको मैं आप लोगों के सामने शेयर कर सकूं. मैंने बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं, बहुत सारे मेल भी किए हैं. कुछ के जबाव भी आए, कुछ के नहीं भी आए. कुछ लड़कियों ने अपने फोटो भी शेयर किए.

खैर.. जो भी है, मैं कहानी पर आता हूँ. मैं पहली बार कहानी लिख रहा हूँ और वो भी मोबाईल से, तो कुछ शब्द सही से नहीं लिख पाया हूँ. आप लोग मेरी इन गलतियों को नजरअंदाज करते हुए पढ़ लीजिएगा.

हुआ यूं कि मैं मुंबई से चेन्नई जा रहा था. मैं समय पर सीएसटी स्टेशन पर आ गया था. इसे बहुत से लोग वीटी के नाम से भी जानते हैं. मैं वहां पर पहुंच गया और ट्रेन भी निर्धारित समय पर सीएसटी से निकल गई.

कुछ देर के बाद ट्रेन दादर पहुँची और उधर से दो महिलायें एक छोटी बच्ची के साथ आईं और मेरे सामने वाली सीट पर बैठ गईं. दरअसल दोनों बहनें थीं और जो बड़ी वाली थी, वो ऊपर वाली सीट पर सो गई, जो छोटी वाली थी, वो अविवाहिता सी लग रही थी. वो उस छोटी बच्ची के साथ खेल रही थी.

छोटी बहन देखने में चेहरे से एकदम सिंपल थी. उसकी लंबाई 5’2″ होगी, लेकिन उसकी फिगर बहुत जबरदस्त थी. खास कर उसकी गांड बहुत ही सेक्सी थी. उसकी चूचियां 32 इंच की लग रही थीं.

थोडी देर बैठने के बाद धीरे धीरे हम दोनों की नजरें मिलने लगीं और वो काफी खुल कर मुझे लाईन मारने लगी. लेकिन मैं थोड़ा असहज महसूस कर रहा था क्योंकि उस डिब्बे में और भी लोग थे. उन सब की मौजूदगी में भी वो बिंदास होकर मुझे लाईन मारे जा रही थी.

मुझे पूरी तरह यकीन तब हुआ, जब उसने मुझसे पानी की बोतल मांगी और मैंने वही पानी की बोतल उसे दे दी, जो मैं पी रहा था. वो भी बिंदास होकर बोतल में मुँह लगा कर पानी पीने लगी.

अब तो उसके बाद वो और भी ज्यादा खुल गई थी. हम दोनों का ये खेल काफी देर तक चलता रहा और फिर वो मेरा मोबाइल नम्बर मांगने लगी, जिस पर व्हाट्सैप चलता था. वो मुझे इशारे भी करने लगी, लेकिन मैंने कोई रिप्लाई नहीं दिया.

कुछ देर बाद उसने मुझसे पेन माँगा और बाथरूम में चली गई. जाते समय वो एक छोटे से कागज के टुकड़े पर अपना व्हाट्सैप नम्बर लिख कर मुझे दे गई. फिर कुछ देर बाद पूना स्टेशन आ गया और फिर वो चली गई.

इसके बाद तो कुछ होना बाकी रह ही नहीं गया था, सो मैं सो गया और दूसरे दिन मैं चेन्नई पहुँच गया.

इसके बाद हम दोनों व्हाट्सैप पर चैट करने लगे. लेकिन मेरी उससे ज्यादा बात नहीं होती थी क्योंकि उसका एक ब्वॉयफ्रेंड भी था और उसके साथ वो सीरियस भी थी. वो लड़का उसके साथ बहुत बार चुदाई भी कर चुका था, जैसा उसने मुझे चैट में बताया था.

फिर हम दोनों ऐसे ही बात करते रहे. एक दूसरे के सेक्स लाईफ के बारे में भी बात होती रहती थी. उससे सेक्स की इतनी खुलकर बातचीत होती थी कि यहाँ तक बता देती थी कि उसको चूत चटवाना अच्छा नहीं लगता है.

फिर एक दिन उसने मुझे व्हाट्सैप पर मैसेज भेजा कि उसको मेरा लंड देखना है. तो मैंने अपने लंड को खड़ा किया और लंड के कुछ फोटो उसको सेंड कर दिए.
वो बोली कि उसको मेरे लंड की एक वीडियो चाहिए.
मैंने बोला कि अभी मुमकिन नहीं है.

क्योंकि उस समय सब घर पर थे. लेकिन वो जिद करने लगी तो मैंने उसको कमीनी बोला. वो कमीनी शब्द सुनकर गुस्सा हो गई. फिर भी मैंने जैसे तैसे लंड का वीडियो बना कर उसको भेज दिया.

फिर कुछ दिनों तक उसके मैसेज आना बंद हो गए. जब मैंने जब मोबाईल फारमेट मारा या पता नहीं सिम चेंज की तो फिर से उसका नम्बर मेरे मोबाइल की व्हाट्सैप लिस्ट में दिखने लगा.

उसके बाद जब मैंने मैसेज किया तो उसने मुझे बताया कि उसके ब्वॉयफ्रेंड ने मुझे ब्लाक कर दिया था.
फिर कुछ दिन हाय हैलो हुआ और फिर से उसका मैसेज आना बंद हो गया.
मैंने भी उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और सच बोलूँ तो मैं उसे भूल सा ही गया.

मैं अपने काम पर आने जाने लगा, दरअसल मैं एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करता हूँ और मेरा आफिस लोअर परेल में है. मैं जहां में रहता हूँ, वहां से नजदीक ही है, लेकिन एक साल बाद मेरा तबादला वाशी कर दिया गया और उसके कुछ दिन बाद मुझे थाने ऑफिस में आ गया.

ऐसे ही एक दिन में ऑफिस से जल्दी ही निकल गया था, क्योंकि मुझे कभी बदलापुर, कभी अंबरनाथ, कभी भिवंडी, तो कभी उल्हासनगर जाना होता था, तो मैं वापस घर आ रहा. जैसे ही मैं अपनी बिल्डिंग के पास पहुँचा, मेरे मोबाईल पर अंजान नम्बर से फोन आया. मैंने जैसे ही फोन रिसीव किया ‘उममाहह.. उमहहह..’ इस तरह किस की बरसात होने लगी.
मैं असमंजस में था.

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