विधवा औरत की ८ साल पुरानी चुदाई की प्यास बुझाई

हेलो, मेरी प्यारी भाभियां, आंटियां antarvasna और दोस्तों kamukta को मेरा नमस्कार. मैं फिर से आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूं. आपने मेरी पिछली स्टोरी में पढ़ा होगा कि मैंने किस तरह से मेरी पड़ोसन साउथ इंडियन भाभी को मजे दिए, तो पहले मैं मेरे बारे में बता दूं.

मेरा नाम विशाल है और मैं मेरा लंड ५ इंच का है और ३ इंच मोटा है. अब ज्यादा बोर ना करते हुए स्टोरी पर आता हूं, मेरी पड़ोस में साउथ इंडियन भाभी से तो मुझे मजे मिलते ही थे जब भी उसको मन होता था वह मुझे बुला लेती थी, वैसे ही दिन बीतते गये और मुझे मालूम पड़ा कि मेरी बिल्डिंग में नीचे के फ्लोर पर एक विधवा औरत रहती थी और उसके बच्चे नहीं थे, वह मराठी विधवा औरत थी.

पहले तो में उस विधवा के बारे में बता दूं, वह एक ४० साल की औरत हे, उसका फिगर बहुत ही मदमस्त था, क्या मस्त बोबे थे उभरे हुए, भरी हुई जान्घे, तने हुए स्तन, एकदम सुडोल बूब्स, उनका फिगर रहेगा ३६-३४-३६ और वाइट ब्लाउज पहनती थी.

तो जब मैं घर से बाहर जाता था और घर आता था तो उस टाइम उसे ऑलवेज उसके फ्लैट के गेट पर खड़ा पाता था, हमारी बातचीत तो नहीं हुई थी और मेरे दिमाग में कुछ भी नहीं था उसके लिए, लेकिन उसका फिगर देखकर मजा आ जाता था.

उसका फेस इतना अच्छा नहीं था और स्किन लाइट ब्लैक थी. एक दिन जब मैं ऑफिस जा रहा था तो वह गेट पर खड़ी थी, मैंने उसके सामने देखा वह भी सामने देख लेती, तो मैंने उसे स्माइल दे दी और चला गया ऐसा एक हफ्ते तक चलता रहा.

और एक दिन जब मैं शाम को घर पहुंचा तो मालूम पड़ा की बिल्डिंग में लाइट नहीं है मैं वापस बाहर जाने लगा और सोचा कि कहीं घूम के आता हूं तो लाइट भी आ जाएगी. इसी दौरान किसी ने मुझे आवाज़ आवाज दी कि सुनिए, तो मैंने पीछे देखा तो वह विधवा औरत थी, उसने मुझे पूछा कि बाहर जा रहे हो क्या? तो मैंने कहा हां.

तो वह बोली कि मुझे जरा हेयर आयल ला कर दोगे? क्योंकि शाम हो चुकी थी और लाइट भी नहीं है और घर में दूसरा कोई भी नहीं है मेरे अलावा. तो मैंने तुरंत पूछा कि क्या आप अकेली रहती हो? उसने हां कहा और मेरे पति कार एक्सिडेंट में मर गए.

और बोली कि माजे कोई नहीं (ऐसे वह मराठी में बोली) तो मैं समझ गया और कहा कि आप ऐसा क्यों सोच रहे हो? मैं हूं ना यहां और आपके ऊपर वाले फ्लैट में रहता हूं. और कभी भी कोई चीज की जरूरत पड़े मुझे बुला लेना और मैंने मेरा विजिटिंग कार्ड दे दिया.

बाद में मैंने उसे ही हेयर आयल ला कर दिया और हर रोज वह कुछ न कुछ मुझे लेने के लिए बोल देती थी और मैं भी बिना संकोच के उसे लाकर दे देता था. एक दिन उसने मुझे खाने के लिए बुलाया मैंने मना किया पर वह मान ही नहीं रही थी और संडे के दिन में चला गया, उसने मुझे फेमिली के बारे में पूछा तो मैंने बता दिया कि मैं अकेले रहता हूं और फैमिली गांव में हैं, और मेरी शादी भी नहीं हुई अभी तक.प्रतिदिन मस्त चुदाई कहानियाँ, सेक्स रानी डॉट कॉम पर पढ़े। यह उनके वो थोड़ी हंसी और बोली कि मेरा भी ऐसा ही है मैं भी अकेली हूं तो मैंने बोला कि आपको तो खाना बनाना आता है? तो आप बना कर खा लोगी, लेकिन मुझे नहीं आता है इसलिए खाने की बहुत प्रॉब्लम होता है. तो उसने मुझे तुरंत रिप्लाई दिया कि तुम शादी क्यों नहीं कर लेते?

तो मैंने बोला कि घर वाले ढूंढ रहें हैं और अच्छी लड़की कहां मिलती है आजकल. तो उन्होंने बोला कि तुम्हें कैसी लड़की चाहिए? तो मैंने बताया कि मुझे एक घरेलू औरत चाहिए जो घर संभाल सके खाना बना सके बिल्कुल आप की तरह, यह सुनकर वह हसी और बोली की तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? तो मैंने बताया कि नहीं मेरी आज तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी.

मैंने पूछा कि आप केसे टाइम पास कर लेती हो? आप तो पूरा दिन अकेली रहती हो और अंकल की बहुत याद आती होगी ना? तो वह रोने लगी होगी उनको गुजरे हुए ८ साल हो गए और हमारा एक बेटा था, वह भी उनके साथ एक्सीडेंट में मर गया और मैं अकेली हूं. अभी अच्छा है कि उसने बैंक में पैसे मेरे नाम पर रखे थे तो उससे घर चल रहा है, मैंने उसको पानी दीया और सांत्वना दी. बाद में मैं खाना खाकर जाने लगा.

तो उसने मुझे बोला कि तुम डेली यहां पर ही खाना खा लेना, तो मेरा मन बहल जाएगा और तुम्हारा खाने का प्रॉब्लम सोल्व हो जाएगा. तो मैं बोला कि यह सही नहीं है तो उसने बोला कि नहीं तुम यहां पर ही खाना खा लेना तो मैंने बोला कि एक शर्त पर तो उसने बोला क्या? तो मैंने बताया कि मैं खाने के पैसा दे दूंगा थाली के हिसाब से, तो उसने मना नहीं किया और बाद में मैं डेली वहां पर खाना खाने लगा.

कभी कभी शाम को लेट हो जाता था ऑफिस से आने में, तो मैं रात को १० बजे भाभी के घर पर पहुंचता था तो बाद में बेल बजा के आंटी को उठाना पड़ता था. तो एक दिन मैंने आंटी को बोल दिया ऑफिस में काम होने की वजह से मैं लेट हो जाता हूं, तो आप को उठाना पड़ता है और यह मुझे सही नहीं लगता. तो आप मुझे आप के फ्लैट की दे दीजिए ताकि मैं खुद दरवाजा खोलकर खाना खा लूंगा और चला जाऊंगा.

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